बाहरी सप्लाई, शहर में गुप्त बिक्री
ट्रेन पार्सल, बसों, ट्रकों से ये माल शहर के बाहर बने गोदाम तक पहुंचता है और इसके बाद मांग के अनुसार डिलीवरी दी जाती है। पड़ताल में ये भी सामने आया कि खरीदने वाले और बेचने वाले के बीच ये बात पूरी तरह से गुप्त रखी जाती है।
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पूरी तरह प्रतिबंधित, फिर भी धंधा जारी
चीनी मांझे पर एनडीएमए व राज्य सरकार ने पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा है। बावजूद लापरवाही और मुनाफाखोरी के चलते हर साल हादसे होते हैं। नियमों के तहत बिक्री या भंडारण पर प्राथमिकी, जुर्माना और जेल तक का प्रावधान है।
तीन साल में 41 को बना चुका है शिकार, तीन गंवा चुके हैं जान
चीनी मांझे की चपेट में आने से तीन साल में आठ साल बच्ची समेत तीन की मौत हो चुकी है जबकि 41 लोग घायल हुए हैं। पक्षियों के लिए भी मांझा काल बन चुका है। बीते साल चीनी मांझे ने रोपवे की केबल को क्षतिग्रस्त कर दिया था और करीब 30 लाख रुपये का नुकसान हुआ था।
क्या कहते हैं अधिकारी
चीनी मांझे के खिलाफ एसओजी की टीम सूचना जुटाकर छापा मार रही है। स्थानीय थाना पुलिस भी कार्रवाई कर रही है। मांझा बेचते पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भंडारण वाले स्थानों की जानकारी जुटाने के लिए निर्देशित किया गया है। -सरवणन टी, डीसीपी क्राइम