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Meerut: अस्पतालों को नोटिस, संचालकों का सवाल- मरीजों को कहां ले जाएं, 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

Wed, 19 Aug 2026 10:03 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ में आवासीय भवनों में चल रहे 21 अस्पतालों को एक सप्ताह में मरीजों को शिफ्ट करने के नोटिस दिए गए हैं। कार्रवाई के विरोध में अस्पताल संचालक परिषद कार्यालय पहुंचे और मरीजों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।
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चिंता जताते तीमारदार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ में आवासीय भवनों में चल रहे अस्पतालों और नर्सिंग होम पर कार्रवाई की तैयारी से हड़कंप मचा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में आवास एवं विकास परिषद की ओर से शास्त्रीनगर, जागृति विहार और माधवपुरम समेत विभिन्न आवासीय योजनाओं में सर्वे कराया जा रहा है। इसी क्रम में नगर योजना संख्या तीन के 21 अस्पतालों को एक सप्ताह में मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट करने के निर्देश देते हुए सील करने की चेतावनी दी गई है। नोटिस चस्पा होने के बाद अस्पताल संचालक कार्रवाई के विरोध में परिषद कार्यालय पहुंचे और सवाल उठाया कि गंभीर मरीजों को अचानक कहां ले जाया जाए।

21 अस्पतालों पर नोटिस, सील करने की चेतावनी

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आवास एवं विकास परिषद की ओर से 13 अगस्त को नगर योजना संख्या तीन के तहत संचालित 21 अस्पतालों पर नोटिस चस्पा किए गए थे। इन अस्पतालों को एक सप्ताह के भीतर खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भवनों को सील किए जाने की चेतावनी दी गई है। परिषद की ओर से मुख्य चिकित्सा अधिकारी से इन अस्पतालों के लाइसेंस निरस्त करने की पैरवी भी की गई है।

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अस्पताल संचालकों का सवाल- मरीजों को कहां ले जाएं
मंगलवार को नर्सिंग होम एसोसिएशन और निजी अस्पताल एसोसिएशन के पदाधिकारी समेत कई अस्पताल संचालक आवास एवं विकास परिषद कार्यालय पहुंचे। संचालकों ने नोटिस और प्रस्तावित कार्रवाई का विरोध किया। जगदंबा अस्पताल के मालिक रविंद्र गुर्जर, एमसीसी अस्पताल के संचालक बाबू राम जाटव, डॉ. रोहित, अशोक प्रधान, सुमित भड़ाना, डॉ. अमरेश पवार समेत अन्य ने अधिकारियों से सवाल किया कि कई वर्षों से अस्पतालों में मरीजों का उपचार चल रहा है। इनमें गंभीर हालत वाले मरीज भी भर्ती हैं। अचानक अस्पताल बंद करने की स्थिति में उन्हें दूसरे स्थान पर ले जाना जोखिम भरा हो सकता है।

संचालकों ने कार्यालय में की नारेबाजी
अस्पताल संचालकों ने कहा कि उन्हें अचानक अस्पताल खाली करने का आदेश दिया गया तो बड़ी संख्या में मरीजों के उपचार पर असर पड़ेगा। इसे लेकर उन्होंने परिषद कार्यालय में अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी भी की। संचालकों का कहना है कि कार्रवाई से पहले मरीजों की सुरक्षा और उपचार की व्यवस्था को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई
आवास एवं विकास परिषद के अनुसार यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के 14 जुलाई के निर्णय के अनुपालन में की जा रही है। परिषद के मुताबिक आवासीय भवनों में चल रहे नर्सिंग होम, अस्पताल, बैंक, स्कूल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर न्यायालय ने आपत्ति जताई थी। अल्प और दुर्बल आय वर्ग के भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां नहीं करने और आवश्यक दूरी छोड़ने संबंधी निर्देश भी दिए गए थे। इस मामले में 21 सितंबर को अगली सुनवाई प्रस्तावित है। इसी के मद्देनजर परिषद ने सर्वे और नोटिस की कार्रवाई तेज की है।

शास्त्रीनगर में सबसे अधिक अस्पताल
शास्त्रीनगर में बड़ी संख्या में अस्पताल और नर्सिंग होम संचालित हो रहे हैं। कई स्थानों पर तीन भूखंडों को जोड़कर तीन मंजिल तक भवन बनाए गए हैं। एल-ब्लॉक क्षेत्र में अस्पतालों और नर्सिंग होम की संख्या सबसे अधिक बताई जा रही है। हापुड़ चुंगी से एल-ब्लॉक की ओर जाने वाले मार्ग पर ही 12 से अधिक नर्सिंग होम और अस्पताल संचालित हो रहे हैं। कुछ समय पहले कैपिटल अस्पताल में महिला की लिफ्ट में फंसने से मौत का मामला भी सामने आया था।

ध्वस्तीकरण के आदेश भी हो चुके हैं
आवासीय भवनों में अस्पताल, नर्सिंग होम, शोरूम, बैंक और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर परिषद की ओर से पहले भी कई बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि नोटिस दिए जाने के बावजूद कई संपत्तियों के प्रबंधन की ओर से नियमों के अनुरूप सुधार नहीं किए गए। परिषद के उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का अनुपालन कराया जा रहा है और इसी क्रम में आवासीय भवनों में संचालित नर्सिंग होम को नोटिस भेजे गए हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा- पत्र मिलने पर होगी कार्रवाई
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामप्रसाद ने बताया कि उन्हें अभी परिषद का पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। पत्र मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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शास्त्रीनगर योजना तीन में इन अस्पतालों को दिए गए नोटिस
अर्जुन हॉस्पिटल, शास्त्रीनगर एल-65; अर्जुन मेमोरियल एंड मल्टी स्पेशियलिटी, एल-487; जीवन ज्योति नर्सिंग होम, एल-495; कैपिटल हॉस्पिटल, एल-501; विकास गर्ग नर्सिंग होम, एल-511 और 513; सुनीता नर्सिंग होम, एल-619; जगदंबा हॉस्पिटल, एल-621; संतोष हॉस्पिटल, एल-627, 629 और 631; एमसीसी हॉस्पिटल, एल-637; डॉ. यूनूस नर्सिंग होम, एल-677; सुशील नर्सिंग होम, एल-1509; ब्लासम नर्सिंग होम, एल-1513 और 1515; एसएम हॉस्पिटल, ए-15; वेदांत हॉस्पिटल, बी-11; अग्रवाल नर्सिंग होम, बी-13; शिवम नर्सिंग होम, सी-13; उपाध्याय नर्सिंग होम, सी-13; आनंदित नर्सिंग होम, एच-13; अंबे नर्सिंग होम, के-ब्लॉक; प्रेम नर्सिंग होम, एल-5।

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