मशीनों को लौटाया, बोले-500 मीटर पर दो स्थायी कट, फिर क्यों बनाया जा रहा पुल
एनएचआई के अधिकारियों को ज्ञापन देकर पुनर्विचार की अपील की
संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। एनएच-334 पर एनसीआर मेडिकल कॉलेज के निकट सोमवार से शुरू हुए फुटओवर ब्रिज के निर्माण का कार्य भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ताओं ने रुकवा दिया। किसानों ने मौके पर पहुंची मशीनों को वापस लौटा दिया और एनएचएआई के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर योजना पर पुनर्विचार की मांग की।
भाकियू टिकैत के युवा जिलाध्यक्ष ज्ञानेश्वर त्यागी का कहना है किजिस स्थान पर फुटओवर ब्रिज बनाया जा रहा है, उसके दोनों तरफ करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थायी कट मौजूद हैं। एक कट अंडरपास के नीचे और दूसरा लालपुर गांव के बाहर है। ऐसे में फुटओवर ब्रिज का निर्माण जरूरी नहीं है लेकिन इसके बाद भी इसे बनवाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित पुल की लंबाई 150 मीटर से अधिक है और इसकी ऊंचाई भी काफी अधिक होगी। मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों, बुजुर्गों और तीमारदारों को ऊंचे पुल से आने में दिक्कत होगी। किसानों का कहना है कि यदि इसी स्थान पर डिवाइडर में स्थायी कट बना दिया जाए तो लोगों को अधिक सुविधा मिलेगी। किसानों ने आरोप लगाया कि यह परियोजना जनहित से अधिक एक संस्थान विशेष को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बनाई जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो भाकियू आंदोलन को और तेज करेगी। इस दौरान राकेश त्यागी, अरुण त्यागी, अंकित त्यागी, हिमांशु त्यागी, प्रणव आर्य, राजेंद्र त्यागी, सचिन त्यागी और दुष्यंत सहित अनेक किसान मौजूद रहे।
वर्जन
कुछ किसानों ने फुट ओवर ब्रिज के निर्माण कार्य को रोकने के लिए नहीं के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। फिलहाल निर्माण कार्य रोक दिया गया है। किसानों से बात करने के बाद ही आगे की कार्यवाही करेंगे।-वैभव त्रिपाठी, मेंटिनेस मैनेजर एनएचआई।