मथुरा। मानसून की आहट से पहले प्री मानसून में ही नगर निगम के दावे बहते दिखाई दे रहे हैं। शुक्रवार देर रात हुई करीब दो घंटे की मूसलाधार बारिश ने नगर निगम के नाले-नालियों की सफाई के दावों की पोल खुल गई। शहर के मुख्य बाजारों से लेकर रिहायशी इलाकों तक, सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं और नालों की गंदगी उफन कर सड़कों पर आ गई।
बारिश के बाद स्थिति यह थी कि नालों के चोक होने से पानी की निकासी रुक गई, जिससे सड़कों पर पानी बहने लगा। अप्रैल से ही नगर निगम द्वारा नालों और नालियों की सफाई का अभियान चलाने की बात कही जा रही थी, लेकिन शुक्रवार रात हुई बारिश ने कागजी कार्यवाही की परतें खोल दीं। जमीनी स्तर पर सफाई का कोई ठोस काम नहीं हुआ। बारिश शुरू होते ही शहर के निचले इलाकों और मुख्य बाजारों में पानी भरा होना शुरू हो गया।
देखते ही देखते सड़कें पानी में डूब गईं। चंदनवन, मोतीकुंज, महोली रोड, लक्ष्मी नगर की कुछ कॉलोनियों में सुबह तक पानी भरा रहा। नाले कूड़े से अटे होने के कारण पानी की निकासी बाधित हो गई। सुबह सफाई कर्मियों ने नालों की सफाई की। इसके बाद जल निकासी संभव हो सकी। मयूर बिहार समेत अन्य क्षेत्रों में सफाई कर्मी नालों की सफाई करते नजर आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल मानसून से पहले ऐसी ही स्थिति बनती है। निगम के अधिकारी केवल खानापूर्ति करते हैं और इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है।