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UP: भैया को बुलाओ, राखी बांधूंगी, चेतावनी रस्सी पारकर गंगा नहा रहे चार डूबे, 18 दिन में तीसरी घटना, तलाश जारी

Tue, 18 Aug 2026 08:54 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur Bithoor Ganga Bathing Incident: बिठूर के गुदारा और ढोड़ी घाट पर सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर चेतावनी रस्सी व बैरिकेडिंग पार कर गंगा नहा रहे तीन किशोरों समेत चार लोग गहरे पानी में डूब गए। गोताखोरों और साथियों की मदद से चार लोगों की जान बचा ली गई, जबकि लापता चारों युवकों की देर रात तक तलाश की गई।
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बिठूर गंगा स्नान हादसा - फोटो : amar ujala
कानपुर में सावन के तीसरे सोमवार को चेतावनी रस्सी पार कर गंगा में नहा रहे तीन किशोर समेत चार लोग गहराई में फंसकर डूब गए, जबकि चार अन्य की जान बचाई गई। यह हादसा सोमवार तड़के बिठूर के गुदारा घाट और शाम को ढोड़ी घाट पर हुआ। गुदारा घाट पर सोमवार तड़के मौसेरे भाई आशिक (16) और सतीश (18) नहाने गए और डूब गए। उनके साथी अभिषेक और राकेश को गोताखोरों ने बचाया।





ढोड़ी घाट पर शिवा (17) और अहिरवां निवासी कृष्णा (15) गहराई में समा गए। उनके दोस्त विराग और सूर्या की जान बचाई गई। पुलिस और जल पुलिस ने चारों की तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। चकरपुर मंडी क्षेत्र के अभिषेक सोनकर सोमवार तड़के चचेरे भाई आशिक, मौसेरे भाई सतीश, दोस्त राकेश, करन, लकी और सनी के साथ बाइक से गंगा स्नान करने बिठूर पहुंचे।
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बिठूर गंगा स्नान हादसा - फोटो : amar ujala
चेतावनी रस्सी पार कर गहरे पानी में नहाने चले गए
करीब चार बजे सभी गुदारा घाट पर बैरिकेडिंग के लिए लगाई गई चेतावनी रस्सी पार कर गहरे पानी में नहाने के लिए चले गए। अचानक आशिक, सतीश, अभिषेक और राकेश गहरे पानी में डूबने लगे। शोर सुनकर साथियों ने गोताखोरों की मदद से अभिषेक और राकेश को समय रहते बाहर निकाल लिया, लेकिन आशिक और सतीश डूब गए। वहीं अहिरवां राजा मार्केट निवासी कृष्णा और पटेल नगर निवासी शिवा लाल बंगला की किराना की दुकान में काम करते हैं।
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बिठूर गंगा स्नान हादसा - फोटो : amar ujala
लोहे के पाइप में चढ़कर गंगा में कूदने लगे चारों
कृष्णा की बहन जूही ने पुलिस को बताया कि सोमवार शाम करीब पांच बजे वह कृष्णा, शिवा और उनके दोस्त विराग और सूर्या के साथ ढोड़ी घाट पहुंचीं। वहां वह लोग गंगा नहाने के लिए पानी में उतरे।  स्नान कर वह उन लोगों के बाहर आने के लिए कहकर कपड़े बदलने चली गईं। इसी दौरान चारों लोग घाट की सीढि़यों पर लगे लोहे के पाइप में चढ़कर गंगा में कूदने लगे। इसी दौरान गहरे में जाने से चारों डूबने लगे।

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बिठूर गंगा स्नान हादसा - फोटो : amar ujala
सर्च अभियान जारी रहेगा
किसी तरह सूर्या और विराग कड़ी मशक्कत कर बाहर निकल आए। वहीं, कृष्णा और शिवा गहरे में जाने से डूब गए।  घाट के आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि घाट पर लगी बैरीकेडिंग पार कर लोहे के पाइप से कूदकर चारों नहा रहे थे, तभी हादसे का शिकार हो गए। एडीसीपी शिवा सिंह ने बताया कि गंगा स्नान के दौरान दो किशोर डूबे हैं, उनके खोजबीन के लिए लगातार प्रयास जारी है। एनडीआरएफ की टीम भी देर रात तक पहुंच जाएगी लगातार सर्च अभियान जारी रहेगा।
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बिठूर गंगा स्नान हादसा - फोटो : amar ujala
बहन बोली- भैया को बुलाओ, राखी बांधूंगी
सतीश मूलरूप से उन्नाव के गदनखेड़ा का रहने वाला है। पिता बेचेलाल की मौत के बाद वह मां अनीता के साथ चकरपुर मंडी के पास रहने लगा। सब्जी की आढ़त पर मजदूरी कर परिवार का सहारा बना। बेटे के गंगा में लापता होने की खबर मिलते ही अनीता गमगीन हैं। वहीं आशिक के डूबने की सूचना पर पिता गोविंद, मां रानी और बहन शालू बदहवास हो गए। बहन शालू बार-बार यही कहती रही, कि मेरे भैया को बुलाओ, मैं उसे राखी बांधूंगी।
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बिठूर गंगा स्नान हादसा - फोटो : amar ujala
18 दिन में गंगा में डूबने की तीसरी घटना
गहरे पानी में डूबने की घटना जारी है। 30 जुलाई को मुस्कान यादव गंगा स्नान के दौरान डूब गई थी। 10 अगस्त को छप्पर घाट पर सचेंडी के खेमपुर निवासी आयुष गौतम और शिवराजपुर के सकरेज निवासी वैभव यादव डूबने लगे थे। वैभव को बचा लिया गया, लेकिन आयुष गंगा की धारा में बह गया। सात दिन बाद भी उसका कुछ नहीं पता चला।
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बिठूर गंगा स्नान हादसा - फोटो : amar ujala
शोरगुल से आवाज नहीं पहुंच सकी
बिठूर थाना प्रभारी अशोक कुमार सरोज ने बताया कि प्रत्येक घाट पर दो पुलिसकर्मियों की तैनाती है। पुलिसकर्मी लगातार सीटी बजाकर और आवाज लगाकर लोगों को गहरे पानी में जाने से रोकते हैं। सोमवार को अचानक चारों युवक रस्सी पार कर गहरे पानी में उतर गए। उन्हें आवाज देकर रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन शोरगुल अधिक होने के कारण आवाज नहीं पहुंच सकी।
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