50 हजार से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार
बरेली के औद्योगिक विकास को देखते हुए उम्मीद है कि बदायूं और शाहजहांपुर में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्रों में आने वाले वर्षों में 3,000 से 5,000 करोड़ रुपये तक का निवेश आकर्षित हो सकता है। इससे सीधे तौर पर 50,000 से अधिक रोजगार और अप्रत्यक्ष रूप से इससे दोगुने अवसर सृजित होने की संभावना है। लॉजिस्टिक हब और वेयरहाउसिंग के विकास से परिवहन लागत में 15 से 20 फीसदी तक कमी आ सकती है, जिससे स्थानीय उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बनेंगे। आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होने से कृषि और लघु उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा।
फार्मा, टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर के विस्तार से स्थानीय स्तर पर वैल्यू एडिशन 25 से 30 फीसदी तक बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा आईटी पार्क और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश से क्षेत्र में हाई-स्किल रोजगार बढ़ेंगे, जिससे तकनीकी विकास को गति मिलेगी। गंगा एक्सप्रेसवे के साथ विकसित हो रहा यह औद्योगिक मॉडल न सिर्फ क्षेत्रीय असंतुलन को कम करेगा, बल्कि बदायूं और शाहजहांपुर को एक मजबूत आर्थिक ग्रोथ बेल्ट में बदल सकता है।
तनेगी हरियाली की चादर, जल संरक्षण का होगा इंतजाम
गंगा एक्सप्रेसवे सिर्फ रफ्तार का प्रतीक नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जल प्रबंधन का भी बड़ा मॉडल बनकर उभर रहा है। बदायूं और शाहजहांपुर में एक्सप्रेसवे के किनारे बड़े पैमाने पर हरियाली विकसित की गई है, जहां लाखों पौधे लगाए गए हैं और साथ ही आधुनिक वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी तैयार किए गए हैं। एक्सप्रेसवे के दोनों ओर व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया गया है।
बदायूं और शाहजहांपुर के हिस्से में सड़क किनारे लाखों पौधे लगाए गए हैं, जिनमें छायादार और पर्यावरण के अनुकूल प्रजातियों को प्राथमिकता दी गई है। एक्सप्रेसवे निर्माण के साथ-साथ जल संरक्षण पर भी खास ध्यान दिया गया है। इसके तहत जगह-जगह वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाए गए हैं, जिससे वर्षा जल को संरक्षित किया जा सके। विशेषज्ञों के अनुसार यह सिस्टम भूजल स्तर को बनाए रखने में मदद करेगा और आसपास के कृषि क्षेत्रों को भी लाभ पहुंचाएगा।