Bijnor News: गाजियाबाद से बिजनौर की दो मेडिकल फर्म ने प्रतिबंधित कफ सिरप भारी मात्रा में खरीदा। जम्मू कश्मीर तक महंगे दामों पर बेचा गया। पुलिस, एसओजी और सर्विलांस जांच में जुटी है।
बिजनौर की दो मेडिकल फर्म ने गाजियाबाद से साल 2022 से अब तक कोडीनयुक्त सिरप की 50 हजार बोतल खरीदीं। यह सिरप बिजनौर में बिका या नहीं, यह तो साफ नहीं हो पाया है, मगर यहां से जम्मू कश्मीर तक सप्लाई की गई है, जहां महंगे दामों पर बेचा गया। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है, अब एसओजी और सर्विलांस को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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गाजियाबाद की कैडिज लाइफ साइंस कंपनी से लाइकेरेक्स-टी सिरप की आपूर्ति बिजनौर में भी होने की बात सामने आने के बाद औषधि निरीक्षक ने जांच की थी। शुरुआती जांच करने के बाद शिव शक्ति बाला जी मेडिकोज से जुड़े अरुण कुमार निवासी मंगोलपुरा और साहित्य विहार निवासी शिवांशु सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
इस मेडिकल फर्म में ऋषभ का नाम भी सामने आया। इसके अलावा एसवी मेडिकल स्टोर से जुड़े आकाश चौहान निवासी ज्ञान विहार और तुषार कुमार निवासी चक्कर चौराहा के खिलाफ औषधि निरीक्षक ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। ये मेडिकल फर्म पार्टनरशिप में चल रही थी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की शुरुआती जांच में ही सामने आ चुका था कि करीब कोडीनयुक्त सिरप की 33 हजार बोतल खरीदी गई है।
हालांकि अब पुलिस की जांच बढ़ी तो यह आंकड़ा 50 हजार पहुंच चुका है। सूत्रों की मानें तो हिमाचल की कंपनी उक्त सिरप का उत्पादन करती है जबकि गाजियाबाद की कंपनी इसे मार्केट में उतारती है। गाजियाबाद की फर्म से बाकायदा पक्के बिल पर बिजनौर की इन दोनों मेडिकल फर्म ने कोडीनयुक्त सिरप की खरीद की।
शुरुआती जांच में यह भी सामने आ चुका है कि सिरप की एक बोतल 44 रुपये में मिल रही थी, अन्य खर्च जोड़कर पचास रुपये में मिलने का अनुमान लगाया गया। हालांकि एक बोतल पर अधिकतम खुदरा मूल्य 170 रुपये दर्ज था। उधर सूत्रों का कहना है कि बिजनौर आने के बाद इन सिरप की सप्लाई जम्मू कश्मीर में की गई है।
सूत्रों का दावा है कि उक्त सिरप नशे में इस्तेमाल होने की वजह से वहां पर प्रतिबंधित है। जिसके चलते वहां पर मोटे दाम पर बेचा गया। इस मामले को लेकर पुलिस अफसर बेहद गंभीरता से ले रहे हैं। आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।