Bijnor News: शेरकोट निवासी युवती की शादी एक साल पहले नहटौर के युवक से हुई थी। युवक ने मारपीट की और तलाक दे दिया। युवती थाने पहुंची तो उसने समझाकर ले आए और शौहर से फिर से निकाह कराने की बात कहते हुए जेठ से हलाला करा दिया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
शौहर ने मारपीट करते हुए गुस्से में आकर पत्नी को तीन तलाक बोल दिया। फिर से निकाह के लिए हलाला की आड़ में जेठ ने दुष्कर्म किया। महिला को बंधक बनाया और मायके नहीं आने दिया गया। पुलिस ने एसपी के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
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शेरकोट की रहने वाली महिला ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र दिया था, जिसकी जांच के बाद शेरकोट थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें पीड़िता ने कहा कि करीब एक साल पहले उसका निकाह नहटौर निवासी युवक से हुआ था। निकाह में परिजनों ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार दहेज दिया।
आरोप है कि निकाह के बाद से ही ससुराल वाले दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। 19 मई की रात 11 बजे पति ने उसके साथ मारपीट की और गुस्से में आकर तीन तलाक बोल दिया। 20 मई की सुबह वह शिकायत करने के लिए थाने पहुंची तो ससुराल वाले भी आ गए। उन्होंने अपनी गलती मानी और भविष्य में ऐसा नहीं करने का वादा कर घर ले गए। घर ले जाने के बाद पति ने फिर से निकाह की बात कही।
पति से दोबारा निकाह के लिए जेठ से हलाला कराया गया। जेठ ने हलाला की आड़ में उसकी मर्जी के बिना शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता ने विरोध करने पर बंधक बनाकर मारपीट करने का भी आरोप भी लगाया। मायके पक्ष से संपर्क होने पर वह किसी तरह ससुराल से बाहर निकल सकी।
पुलिस ने मामले में आरोपी पति, जेठ, जेठानी और ससुर के खिलाफ मारपीट, दहेज अधिनियम, दुष्कर्म और मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों की सुरक्षा) अधिनियम 2019 की धारा में प्राथमिकी दर्ज की है। सीओ अफजलगढ़ आलोक कुमार ने प्राथमिकी दर्ज होने की पुष्टि करते हुए बताया कि साक्ष्यों के आधार पर जांच करते हुए कार्रवाई की जाएगी।
तलाक-ए-बिद्दत भी गैरकानूनी
एक साथ तीन बार तलाक बोलकर वैवाहिक रिश्तों को खत्म करना भी पूरी तरह से अवैध और गैरकानूनी है। भारत सरकार ने साल 2018 में मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों की सुरक्षा) अधिनियम लागू कर इसे गैरकानूनी बना दिया था। मौखिक, लिखित या इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों (एसएमएस, व्हाट्सएप या ईमेल) से दिया गया तीन तलाक पूरी तरह से अमान्य है। इसका उल्लंघन करने पर तीन साल की जेल हो सकती है।
देश में तीन तलाक की पहली प्राथमिकी जिले में दर्ज हुई थी
मुस्लिम महिलाओं को एक साथ तीन तलाक देने की प्रथा के खिलाफ 19 सितंबर 2018 को सरकार अध्यादेश लेकर आई थी। यह कानून लागू होने के बाद 27 सितंबर 2018 को बिजनौर के कोतवाली देहात थाने में बरुकी निवासी गुलफाम की पत्नी सल्तनत ने अपने पति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। गुलफाम ने अपनी पत्नी को फोन पर तीन तलाक बोलकर प्रेमिका से निकाह कर लिया था। मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों की सुरक्षा) अधिनियम के तहत देश की पहली प्राथमिकी दर्ज हुई थी।