सीलिंग की जमीन पर कब्जे, राजस्व अधिकारी खंगाल रहे रिकॉर्ड
फाइक एन्क्लेव में सीलिंग की जमीन पर कब्जे होने के मामलों में राजस्व अधिकारी रिकार्ड खंगाल रहे हैं। वहीं, नगर निगम ने भी अपनी जमीन को सहेजना शुरू किया है। चिह्नित जमीनों से अवैध कब्जे हटेंगे और जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी होगी। बरेली बवाल के बाद मौलाना तौकीर के करीबियों पर नगर निगम, बीडीए और पुलिस-प्रशासन के अधिकारी कार्रवाई कर रहे हैं।
अब फाइक एन्क्लेव में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे चिह्नित किए जाने हैं। पूर्व वार्ड पार्षद राममूर्ति मौर्य बताते हैं कि फाइक एन्क्लेव में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे हैं। इस मामले को नगर निगम बोर्ड में अपने कार्यकाल के दौरान उठाया था, लेकिन मामूली जांच के सिवा कुछ नहीं हुआ। कब्जे बरकरार हैं।
यह भी पढ़ें- बरेली बवाल: बुरा फंसा मौलाना तौकीर रजा, छह साल पुराने मामले में पुलिस ने मांगी रिमांड
नगर निगम के अधिकारी अपनी संपत्तियों के रिकाॅर्ड खंगालें तो हकीकत सामने आएगी और कब्जे भी हटेंगे। इस बीच नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने कहा कि अवैध कब्जों पर नियमित रूप से कार्रवाई चल रही है। अगर किसी पूर्व पार्षद को जानकारी है तो शिकायत करें, उसे भी चेक कराएंगे।
कार्रवाई को लेकर बिफरे पार्षद, दी सफाई
बीडीए की कार्रवाई से बिफरे दोनों पार्षदों ने सफाई दी। मौलाना तौकीर से कोई वास्ता नहीं होने की दुहाई भी दी। कई अन्य तर्क देते हुए कार्रवाई को गलत बताया। फरीदापुर चौधरी वार्ड के कांग्रेस पार्षद मैहसर खां ने कहा कि वह वीरसावरकर नगर चौराहे पर 100 वर्गगज जमीन पांच हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर लिए हैं। उस पर टिन शेड डालकर गैराज संचालित करते हैं, जो उनके पिता नासिर के नाम से है। यह गैराज 15 साल से चल रहा है। जमीन के मालिक झूमक सिंह हैं। वही किराया लेते हैं। उन्हें भी कोई नोटिस नहीं मिला। पार्षद ने कहा कि उन्हें लगता है कि गांव की पार्टीबंदी की वजह से उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। ऐसा लगता है कि राजनीति करके उन्होंने अपनी जिंदगी खराब कर ली है। उनका मौलाना तौकीर से कोई लेना-देना नहीं है।
यह भी पढ़ें-
बरेली बवाल: मौलाना तौकीर रजा के करीबियों पर बड़ी कार्रवाई, बरातघर-शोरूम और गैराज समेत कई संपत्तियां सील
सपा पार्षद अब्दुल कय्यूम उर्फ मुन्ना ने बताया कि उनके पास कोई नोटिस नहीं आया, न ही कोई सूचना दी गई। बस यह कह दिया कि सील करना है तो वह बाहर आ गए। मौलाना तौकीर से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। 26 सितंबर को हमारे नवासे का हाथ टूट गया था। मैं वहीं गया था। वहां से लौटकर शोरूम पर बैठा रहा। कैमरे लगे हैं, उसकी फुटेज देख लें और मोबाइल की लोकेशन निकलवा लें। मौलाना की पार्टी अलग है, हमारी अलग है। हमारी विचारधारा भी अलग है। मैं कैंसर पीड़ित हूं। जिन्होंने गलत किया है, उन पर कार्रवाई करें।