बरेली। अफीम तस्करी के आरोपी डालचंद्र के अपहरण की कहानी तो असली निकली, लेकिन पिता-पुत्र का रचा कथानक बदल गया। सोमवार को तीनों आरोपियों का चालान किया गया तो उन्होंने हकीकत बयां कर दी। पीलीभीत निवासी आरोपियों ने कहा कि डालचंद्र उनकी बहन के सामने अश्लील प्रस्ताव रख रहा था, इसलिए उन्होंने ऐसा किया। असली मामला रुपयों के लेन-देन का निकला। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त नीले रंग की कार भी सीज कर दी।
एएसपी शिवम आशुतोष सिंह ने बताया कि रविवार सुबह इज्जतनगर थाना प्रभारी को पीआरवी से डालचंद्र के अपहरण की सूचना मिली थी। प्रत्यक्षदर्शी गोवर्धन ने पुलिस को कार के बारे में जानकारी दी। फिर डालचंद्र के बेटे राहुल ने अपहरण की रिपोर्ट लिखवाई। पुलिस ने वाहन के स्वामित्व की जानकारी जुटाकर सर्विलांस के माध्यम से कार की लोकेशन पीलीभीत के अमरिया क्षेत्र में ट्रेस की व डालचंद्र को सकुशल तलाश लिया।
एएसपी ने बताया कि पीलीभीत जिले के निवासी लकी उर्फ भजनलाल, लक्ष्मण और जानकी प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया गया। अंकित और राधे नाम के दो आरोपी भाग निकले हैं, उनकी तलाश की जा रही है। पूछताछ में लकी और लक्ष्मण ने बताया कि डालचंद्र पर उनकी बहन के रुपये बकाया थे। रुपये देने में वह टालमटोल कर रहा था। उसने उनकी बहन को अश्लील प्रस्ताव भी दिया था। इससे वे नाराज थे। इसी के चलते लकी, लक्ष्मण, राधे और कार चालक जानकी प्रसाद बरेली पहुंचे और डालचंद्र को जबरन कार में बैठाकर ले गए। रास्ते में उसकी पिटाई भी की गई।