मुसाफिरखाना। तहसील में चल रहा अधिवक्ताओं का आंदोलन मंगलवार को नए मोड़ पर पहुंच गया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वेद प्रकाश शुक्ल की अगुवाई में हुई बैठक में तय किया गया कि बुधवार से अधिवक्ता न्यायिक कार्य में सहयोग करेंगे। साथ ही एसडीएम के विरोध में नारेबाजी उनके स्थानांतरण तक प्रतिदिन जारी रखने का निर्णय लिया गया। इस दौरान मुकदमों की सुनवाई नहीं हो सकी।
तहसील परिसर में मंगलवार को भी अधिवक्ताओं ने एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी की। यह विरोध प्रदर्शन 30 दिसंबर से लगातार जारी है। बैठक में सर्वसम्मति से कहा गया कि न्यायिक कार्य प्रभावित न हो, इसलिए अस्थायी रूप से सहयोग शुरू किया जा रहा है, लेकिन आंदोलन खत्म नहीं होगा।
विभिन्न न्यायालयों में 243 मुकदमे सूचीबद्ध थे, जिनकी सुनवाई नहीं हो सकी। एसडीएम की अदालत में 63, एसडीएम न्यायिक की अदालत में 68, तहसीलदार की अदालत में 29, नायब तहसीलदार मुसाफिरखाना की अदालत में 11, नायब तहसीलदार जगदीशपुर की अदालत में 32 तथा चकबंदी अधिकारी की अदालत में 42 मुकदमे सुने जाने थे। प्रदर्शन में शिव प्रताप सिंह राजन, इमरान, राजीव कुमार तिवारी, गणेश प्रसाद, संदीप पांडेय, इच्छा तिवारी आदि मौजूद रहे।