उन्होंने कहा कि भारतीय रेल इस विकास यात्रा की सच्ची जीवनरेखा है और उत्तर मध्य रेलवे का प्रयागराज मंडल इस दिशा में लगातार नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। प्रयागराज मंडल नई दिल्ली से हावड़ा के मध्य 750 किलोमीटर लंबे गाजियाबाद–पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन सेक्शन तक फैला हुआ है, जो भारतीय रेल का सबसे लंबा ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग सेक्शन है, जहाँ उच्चतम संरक्षा मानकों के साथ परिचालन किया जा रहा है।
मंडल में प्रतिदिन 157 ट्रेनें अधिकतम 130 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से संचालित की जा रही हैं, जिनमें वंदे भारत और राजधानी जैसी प्रीमियम सेवाएँ शामिल हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए 49 स्टेशनों पर 430 नई स्टील बेंचें लगाई जा चुकी हैं तथा 113 कुशनयुक्त बेंचों की स्थापना जारी है।
छिवकी स्टेशन पर बनारस-खजुराहो को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते स्थानीय जनप्रतिनिधि।
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इस अवसर पर मेयर गणेश केसरवानी ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद भारतीय रेलवे की तस्वीर बदल गई। विधायक दीपक पटेल ने कहा कि 2014 के पहले लोग छिवकी स्टेशन आने पर कतराते थे लेकिन अब यहां एक भव्य स्टेशन बन चुका है। स्टेशनों पर यात्रियों को लगाकर आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। विधायक गुरु प्रसाद मौर्य ने भी रेलवे की बदलती तस्वीर को लेकर पीएम मोदी का आभार जताया।
इसके पूर्व एडीआरएम ने बताया कि प्रयागराज मंडल में क्षेत्रीय विकास को नई गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजनाएँ जारी हैं। 1423.96 करोड़ की लागत से चुनार–वोपन खंड का दोहरीकरण कार्य जारी है (लक्षित समापन 2027-28)। 2390 करोड़ की लागत से प्रयागराज–पं. दीनदयाल उपाध्याय तीसरी रेल लाइन का कार्य प्रगति पर है (लक्षित समापन 2026-27)। 1640 करोड़ की लागत से इरादतगंज–मानिकपुर तीसरी लाइन परियोजना पर कार्य जारी है (लक्षित समापन 2028-29)। इन परियोजनाओं के अंतर्गत प्रयागराज मंडल के 12 स्टेशनों पर नए एफओबी भी बनाए जा रहे हैं। इन सबके माध्यम से मंडल आधुनिक रेल सुविधाओं से युक्त एक सशक्त यातायात नेटवर्क की दिशा में आगे बढ़ रहा है।