जब पीड़ित परिवार को बुलाया गया तो परिजनों ने दोनों बदमाशों को पहचान लिया। उन्होंने स्वीकारा कि उन्होंने रिपोर्ट लिखवाते समय लोकलाज के भय से सामूहिक दुष्कर्म का तथ्य नहीं बताया था। बाद में वे डकैती व सामूहिक दुष्कर्म बताने को राजी हो गए। इसके बाद चोरी के मामले की विवेचना डकैती व सामूहिक दुष्कर्म में तरमीम कर आगे बढ़ाई गई। फिर इस गिरोह के सरगना बबलू व अन्य सदस्यों भुजपुरा इस्लाम नगर के नकीम उर्फ नकीमा, बुलंदशहर के सलेमपुर क्षेत्र के चिट्ठा शेरगढ़ी के गुलफाम उर्फ पहलवान, लोधा नौगवां अर्जुनपुर के एक नाबालिग व एक अन्य नाजिम को जेल भेजा गया। चार्जशीट दायर की गई।
इसी मामले में न्यायालय ने साक्ष्यों व गवाही के आधार इकरार उर्फ डांसर, शमीम, नकीम उर्फ नकीमा व गुलफाम उर्फ पहलवान को डकैती व सामूहिक दुष्कर्म के आरोपों में दोषी करार देकर आजीवन कारावास से दंडित किया है। साथ में चारों पर 35-35 हजार रुपये अर्थदंड, इकरार व शमीम पर 8-8 हजार रुपये अतिरिक्त अर्थदंड तय किया है। अर्थदंड की राशि में से 50 फीसदी राशि पीड़ित को देने के निर्देश दिए हैं। वहीं नाबालिग की पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड में चल रही है, जबकि नाजिम की पूर्व में गुजरात में हुई पुलिस मुठभेड़ में मृत्यु हो चुकी है। बबलू की पत्रावली अभी अलग चल रही है।
साढ़े तीन वर्ष बाद पकड़ा गया था बबलू
इस घटना के बाद बबलू मेवाती पर 50 हजार का इनाम घोषित हुआ। उसके पीछे लगी पुलिस गुजरात तक पहुंच गई थी। काफी प्रयास व भागदौड़ के बाद बबलू को पता लगा कि अलीगढ़ पुलिस उसके पीछे है। इसलिए वह गुजरात से भागा तो बाद में मध्य प्रदेश में उज्जैन के पास से उसकी साढ़े तीन वर्ष बाद गिरफ्तारी हुई थी। बबलू पर गुजरात में भी मामले दर्ज हैं। लंबे समय से वह गुजरात जेल में था। इस मामले में गुजरात से तलब कराकर यहां जेल दाखिल किया गया है। अभी उसके खिलाफ गवाही होना बाकी है। इसलिए उसकी पत्रावली लंबित है। बबलू के खिलाफ भी गवाही आदि की प्रक्रिया जल्द पूरी कराकर निर्णय कराया जाएगा।
पुलिस पर हमला कर भी भागा था बबलू
इस अपराध से पहले एक मर्तबा बबलू के पीछे पुलिस ने गांव में दबिश दी। उस समय वह पुलिस पर हमला कर भाग गया था। बाद में गांव की महिलाओं ने भी पुलिस पर हमला किया था। इसमें पुलिस ने कार्रवाई की थी।