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अमर उजाला नारी से शक्ति: लखपति दीदियों ने सुनाई अपनी कहानी, छात्राओं को दी 'रील' की जगह 'रियल' की सलाह

Tue, 10 Mar 2026 01:04 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

अमर उजाला नारी से शक्ति कार्यक्रम में लखपति दीदियों ने छात्राओं को सलाह दी कि सफलता के लिए वे सोशल मीडिया पर केवल रील बनाने के बजाय वास्तविक जीवन में अपने लक्ष्य पर ध्यान दें।
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डीएस कॉलेज में अमर उजाला नारी से शक्ति कार्यक्रम - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में 9 मार्च को अमर उजाला के विशेष अभियान अमर उजाला नारी से शक्ति की शुरुआत हुई। कार्यक्रम में लखपति दीदियों ने अपने संघर्ष और सफलता की प्रेरक कहानियां साझा कीं। उन्होंने छात्राओं को सलाह दी कि सफलता के लिए वे सोशल मीडिया पर केवल रील बनाने के बजाय वास्तविक जीवन में अपने लक्ष्य पर ध्यान दें।

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डीएस कॉलेज के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह ने लखपति दीदियों के कार्यों की सराहना करते हुए उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं घर के आंगन से निकलकर समाज में अपनी अलग पहचान बना रही हैं। छात्राओं से कहा कि मोबाइल का सही उपयोग ज्ञान बढ़ाने के लिए करें। इसका दुरुपयोग जीवन को जटिल बना सकता है।

प्राचार्य प्रो. मुकेश कुमार भारद्वाज ने कहा कि लखपति और ड्रोन दीदियों की संघर्ष की कहानी वास्तव में प्रेरणादायक हैं। उन्होंने कहा कि जो छात्राएं पढ़ाई कर रही हैं, वे सौभाग्यशाली हैं क्योंकि उनके माता-पिता ने उन पर विश्वास जताया है। इस विश्वास को बनाए रखने के लिए उन्हें पढ़ाई में पूरी मेहनत करनी चाहिए। मौके पर लखपति और ड्रोन दीदियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डॉ. नीलम श्रीवास्तव, डॉ. पूजा सिंह, डॉ. मंजू सिंह आदि मौजूद रहीं।

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कार्यक्रम में मौजूद छात्रा, लखपति दीदी - फोटो : संवाद
संघर्ष की कहानी लखपति दीदियों की जुबानी
  • सोनी शर्मा बदबामनी ने बताया कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। समूह की मदद से उन्होंने छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू किए। आज वह आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। समूह ने उन्हें समाज में नई पहचान और आत्मविश्वास दिया है।
  • ममता शर्मा अलीपुर ने बताया कि स्वयं सहायता समूह ने महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया है। पहले वह घर तक सीमित थीं, लेकिन अब समूह के माध्यम से आय के साधन बढ़े हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति भी बेहतर हुई है।
  • संगीता सेमला ने बताया कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें बचत और छोटे व्यवसाय की जानकारी मिली। इससे उनकी आमदनी बढ़ी और वह परिवार के खर्च में सहयोग कर पा रही हैं।
  • रेखा भांकरी अहिवासी ने बताया कि समूह ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी। समूह की गतिविधियों से जुड़कर उन्होंने अपनी मेहनत से आय बढ़ाई। आज वे अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।
  • बबिता लोधा ने बताया कि स्वयं सहायता समूह ने महिलाओं को संगठित किया है। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।
  • उषा ने बताया कि समूह से जुड़ने के बाद उन्हें विभिन्न योजनाओं और प्रशिक्षण की जानकारी मिली। इससे उन्होंने नए काम शुरू किए और आज उनकी आय में लगातार वृद्धि हो रही है।
  • कविता ने बताया कि स्वयं सहायता समूह ने उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर दिया है। अब वह न केवल अपनी आय बढ़ा रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
  • मंजू ने बताया कि स्वयं सहायता समूह ने महिलाओं को एक नई पहचान दी है। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे समाज में सम्मान के साथ अपनी भूमिका निभा रही हैं।
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