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ये नहीं फिल्मी कहानी: कोचिंग सेंटर से स्कूटी चोरी, पुलिस ने नहीं सुनी, दिव्यांशी ने पांच साल बाद ढूंढ निकाली

Mon, 09 Mar 2026 01:42 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

एक स्कूटी अलीगढ़ से चोरी हुई। जिसको तलाशने में पुलिस टालम-टूल करती रही। स्कूटी स्वामी ने फिर कुछ ऐसा किया कि वह स्कूटी पांच साल बाद हाथरस में मिल गई। 
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सुरेंद्र नगर में चोरी की स्कूटी मिलने पर मां के साथ दिव्यांशी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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ये किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं। सेंटर प्वाइंट इलाके के कोचिंग सेंटर के बाहर से चोरी हुई स्कूटी पांच वर्ष बाद मिल गई। मगर इसमें पुलिस के स्तर से सहयोग नहीं मिला। स्कूटी स्वामी एमबीए शिक्षित युवती व उसके परिवार ने खुद के प्रयास से बरामद की है। जिसे महिला दिवस यानि 8 मार्च से ठीक एक दिन पहले पाकर युवती की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अब वह स्कूटी वापस मिलने पर सहयोग करने वालों का आभार जताते नहीं थक रहीं।

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वाकया 12 सितंबर 2021 का है। सुरेंद्र नगर इलाके के कारोबारी राजबहादुर सिंह की बेटी दिव्यांशी उस समय एमबीए की छात्रा था। पिता द्वारा उसे पढ़ने के लिए आने जाने के चलते स्कूटी दिलाई गई थी। घटना वाले दिन सेंटर प्वाइंट इलाके के कोचिंग सेंटर के बाहर से उसकी स्कूटी चोरी हो गई। उसी समय डायल-112 पर दी गई सूचना के आधार पर इलाका पुलिस भी पहुंची। बाद में थाने जाकर तहरीर देकर आने को बोला। अगले दिन परिवार थाना सिविल लाइंस गया। 

चूंकि 14 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अलीगढ़ दौरा था। पुलिस व्यस्त थी। मगर उस समय थाने पर मिले दरोगा ने परिवार को स्कूटी का बीमा दो दिन पहले खत्म होने की बात कहकर यह समझा दिया कि आपकी रिपोर्ट नहीं लिखी जा सकती। मगर आप तहरीर दे जाइये। हम तलाश का प्रयास करेंगे। परिवार भी वापस लौट आया। इसके बाद शुरू हुआ स्कूटी तलाशने का प्रयास। हालांकि बाद में दिव्यांशी व उसके भाई तरुण की अलग अलग निजी कंपनियों में नौकरी लग गई।

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दिव्यांशी अपनी स्कूटी के फोटो व नंबर के आधार पर सोशल मीडिया की मदद से खोजने में प्रयासरत रही। इसी प्रयास में पिछले दिनों खबर मिली कि उसकी स्कूटी हाथरस के हसायन क्षेत्र के गांव बस्तोई में चल रही है। जांच पड़ताल में पता चला कि जो व्यक्ति स्कूटी चला रहा है, वह कभी सेंटर प्वाइंट के किसी शोरूम पर सिक्योरिटी गार्ड था। अंदेशा जताया गया कि स्कूटी वही चोरी कर ले गया और गांव में चला रहा है। कभी कभी उसे छिपाकर रखता है। यह जानकारी युवती व परिवार ने सिविल लाइंस पुलिस को दी। 

बाद में खुद युवती व उसके परिजन हसायन पहुंचे। जहां निजी प्रयासों से शनिवार को वे स्कूटी बरामद कर लाए। जानकारी में यह भी पता चला कि जो व्यक्ति स्कूटी चला रहा था। वह अब कहीं बाहर नौकरी करता है। उसकी पत्नी से यह स्कूटी बरामद की। स्कूटी पाकर युवती बेहद खुश है। इस विषय में युवती दिव्यांशी व उसके भाई तरुण ने यही बताया कि जिन लोगों की मदद से स्कूटी मिली है। उनका बहुत आभार है। इधर, यह भी पता चला है कि जिसके घर से स्कूटी मिली है। वह गांव में आकर उनकी मदद करने वालों के विषय में धमकियां दे रहा है।
उस समय पुलिस ने रिपोर्ट क्यों दर्ज नहीं की। ये तो नहीं कहा जा सकता। अब इस मामले में माल बरामदगी की कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट दर्ज की जा सकती है। अगर युवती व उसका परिवार चाहेगा तो अब भी यह कार्रवाई हो सकेगी। वह अपने स्तर से भी इस मामले में जांच कर परिवार की कानूनी मदद करेंगे।-सर्वम सिंह, सीओ तृतीय
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