दिव्यांशी अपनी स्कूटी के फोटो व नंबर के आधार पर सोशल मीडिया की मदद से खोजने में प्रयासरत रही। इसी प्रयास में पिछले दिनों खबर मिली कि उसकी स्कूटी हाथरस के हसायन क्षेत्र के गांव बस्तोई में चल रही है। जांच पड़ताल में पता चला कि जो व्यक्ति स्कूटी चला रहा है, वह कभी सेंटर प्वाइंट के किसी शोरूम पर सिक्योरिटी गार्ड था। अंदेशा जताया गया कि स्कूटी वही चोरी कर ले गया और गांव में चला रहा है। कभी कभी उसे छिपाकर रखता है। यह जानकारी युवती व परिवार ने सिविल लाइंस पुलिस को दी।
बाद में खुद युवती व उसके परिजन हसायन पहुंचे। जहां निजी प्रयासों से शनिवार को वे स्कूटी बरामद कर लाए। जानकारी में यह भी पता चला कि जो व्यक्ति स्कूटी चला रहा था। वह अब कहीं बाहर नौकरी करता है। उसकी पत्नी से यह स्कूटी बरामद की। स्कूटी पाकर युवती बेहद खुश है। इस विषय में युवती दिव्यांशी व उसके भाई तरुण ने यही बताया कि जिन लोगों की मदद से स्कूटी मिली है। उनका बहुत आभार है। इधर, यह भी पता चला है कि जिसके घर से स्कूटी मिली है। वह गांव में आकर उनकी मदद करने वालों के विषय में धमकियां दे रहा है।
उस समय पुलिस ने रिपोर्ट क्यों दर्ज नहीं की। ये तो नहीं कहा जा सकता। अब इस मामले में माल बरामदगी की कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट दर्ज की जा सकती है। अगर युवती व उसका परिवार चाहेगा तो अब भी यह कार्रवाई हो सकेगी। वह अपने स्तर से भी इस मामले में जांच कर परिवार की कानूनी मदद करेंगे।-सर्वम सिंह, सीओ तृतीय