आगरा में सावन के तीसरे सोमवार पर महताब बाग में घुसकर ताजमहल की आरती उतारने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के नियमों का उल्लंघन किया गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ था। पुलिस का कहना है कि मामले में जांच कर आरोपियों के नाम बढ़ाए जाएंगे।
अखिल भारतीय हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अज्जू चौहान ने कार्यकर्ताओं के साथ सोमवार को ताज की आरती उतारने और पूजा का दावा किया था। एएसआई के वरिष्ठ संरक्षण सहायक उप मंडल अंकित कुमार नामदेव ने थाना एत्माद्दौला में तहरीर दी। कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में अज्ञात लोग आरती उतारते, जल चढ़ाते और धार्मिक ध्वजा प्रदर्शित करते दिख रहे हैं। यह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के नियमों का उल्लंघन है।
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि प्राचीन स्मारक एवं पुरातत्वीय स्थल और अवशेष अधिनियम 1958 की धारा 30 (1), सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम 2008 की धारा 67 और भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। वीडियो कब बनाया गया? आरोपी कौन लोग हैं? इसकी जानकारी जुटाई जाएगी।