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Agra News: एसएन में हादसा, छत से बच्चे के सिर पर गिरा प्लास्टर
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छत से प्लास्टर गिर पड़ा
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आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती बच्चे के सिर पर छत से प्लास्टर गिर पड़ा। आनन-फानन में उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया। वार्ड को तत्काल खाली कराते हुए सभी बच्चों को बाल रोग विभाग में शिफ्ट कर दिया गया। घटना के विरोध में सामाजिक कार्यकर्ता बाल योगी ने हंगामा करते हुए धरना दिया और मरम्मत और निर्माण कार्य में धांधली का आरोप लगाया।
शुक्रवार को इमरजेंसी के बच्चा वार्ड में 15 मरीज भर्ती थे। दोपहर करीब दो बजे छत से एक फीट चौड़ाई का प्लास्टर खंदारी के नसीराबाद निवासी आमिर खान के 10 वर्षीय बेटे उमेर के सिर पर गिर पड़ा। परिजन घबरा गए और चीखने लगे। वार्ड में भर्ती अन्य बच्चों के परिजन भी दहशत में आ गए। स्टाफ ने प्राचार्य और एसआईसी को घटना की जानकारी दी।
तत्काल एंबुलेंस से इमरजेंसी के पीछे बने बाल रोग विभाग में बच्चों को शिफ्ट किया गया। वहीं घायल उमेर को आईसीयू में भर्ती कर सीटी स्कैन कराया गया। घटना की जानकारी पर शाम पांच बजे सामाजिक कार्यकर्ता बाल योगी इमरजेंसी पहुंच गए और हंगामा करते हुए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने मरम्मत के नाम पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया।
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हंगामे की सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। बाल योगी ने कहा कि इमारत की कई बार मरम्मत हुई लेकिन बजट के बंदरबांट के कारण काम नहीं कराया गया। बच्चों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है।
तैनात कर दिए गार्ड
प्लास्टर गिरने की घटना पर मीडिया को भी कवरेज करने से रोका गया। बच्चा वार्ड में गार्ड तैनात कर दिए गए। किसी को भी अंदर नहीं जाने दिया गया। गार्ड ने कहा कि सुपरवाइजर और कॉलेज प्रशासन ने फोटो न करने देने के लिए कहा है।
निमोनिया से पीड़ित है उमेर
प्लास्टर गिरने से घायल उमेर को निमोनिया की परेशानी है। दो दिन पहले ही उसे भर्ती कराया गया था। प्लास्टर उसके सिर और गर्दन पर गिरा। एत्माउदौला निवासी राजा खान ने बताया कि उनका बेटा भी उमेर के पास वाले बेड पर था। प्लास्टर गिरने की तेज आवाज से वह सहम गए और बेटे को तत्काल गोद में उठा लिया।
बाल रोग विभाग भी जर्जर
इमरजेंसी के पीछे बने बाल रोग विभाग के वार्ड में भी रात में प्लास्टर गिर गया। बच्चों के बेड दूर होने के कारण हादसा बच गया। ये भवन भी पूरी तरह से जर्जर है। यहां आए दिन प्लास्टर गिरता रहता है। इमरजेंसी की इमारत 1980 में बनी थी। 2004, 2014 और 2018 में मरम्मत कार्य भी कराया जा चुका है। इसके बावजूद टाइल्स उखड़ गई हैं। मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है।
प्लास्टर के कुछ टुकड़े बच्चे पर गिर गए थे। उसका सीटी स्कैन कराया गया। किसी तरह की अंदरूनी चोट नहीं लगी है। बच्चा गंभीर निमोनिया और मस्तिष्क संबंधी बीमारी के इलाज के लिए भर्ती हुआ है। आईसीयू में इलाज चल रहा है। वार्ड की मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया गया है। - डॉ. प्रशांत गुप्ता, प्राचार्य, एसएन मेडिकल कॉलेज
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शुक्रवार को इमरजेंसी के बच्चा वार्ड में 15 मरीज भर्ती थे। दोपहर करीब दो बजे छत से एक फीट चौड़ाई का प्लास्टर खंदारी के नसीराबाद निवासी आमिर खान के 10 वर्षीय बेटे उमेर के सिर पर गिर पड़ा। परिजन घबरा गए और चीखने लगे। वार्ड में भर्ती अन्य बच्चों के परिजन भी दहशत में आ गए। स्टाफ ने प्राचार्य और एसआईसी को घटना की जानकारी दी।
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तत्काल एंबुलेंस से इमरजेंसी के पीछे बने बाल रोग विभाग में बच्चों को शिफ्ट किया गया। वहीं घायल उमेर को आईसीयू में भर्ती कर सीटी स्कैन कराया गया। घटना की जानकारी पर शाम पांच बजे सामाजिक कार्यकर्ता बाल योगी इमरजेंसी पहुंच गए और हंगामा करते हुए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने मरम्मत के नाम पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया।
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हंगामे की सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। बाल योगी ने कहा कि इमारत की कई बार मरम्मत हुई लेकिन बजट के बंदरबांट के कारण काम नहीं कराया गया। बच्चों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है।
तैनात कर दिए गार्ड
प्लास्टर गिरने की घटना पर मीडिया को भी कवरेज करने से रोका गया। बच्चा वार्ड में गार्ड तैनात कर दिए गए। किसी को भी अंदर नहीं जाने दिया गया। गार्ड ने कहा कि सुपरवाइजर और कॉलेज प्रशासन ने फोटो न करने देने के लिए कहा है।
निमोनिया से पीड़ित है उमेर
प्लास्टर गिरने से घायल उमेर को निमोनिया की परेशानी है। दो दिन पहले ही उसे भर्ती कराया गया था। प्लास्टर उसके सिर और गर्दन पर गिरा। एत्माउदौला निवासी राजा खान ने बताया कि उनका बेटा भी उमेर के पास वाले बेड पर था। प्लास्टर गिरने की तेज आवाज से वह सहम गए और बेटे को तत्काल गोद में उठा लिया।
बाल रोग विभाग भी जर्जर
इमरजेंसी के पीछे बने बाल रोग विभाग के वार्ड में भी रात में प्लास्टर गिर गया। बच्चों के बेड दूर होने के कारण हादसा बच गया। ये भवन भी पूरी तरह से जर्जर है। यहां आए दिन प्लास्टर गिरता रहता है। इमरजेंसी की इमारत 1980 में बनी थी। 2004, 2014 और 2018 में मरम्मत कार्य भी कराया जा चुका है। इसके बावजूद टाइल्स उखड़ गई हैं। मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है।
प्लास्टर के कुछ टुकड़े बच्चे पर गिर गए थे। उसका सीटी स्कैन कराया गया। किसी तरह की अंदरूनी चोट नहीं लगी है। बच्चा गंभीर निमोनिया और मस्तिष्क संबंधी बीमारी के इलाज के लिए भर्ती हुआ है। आईसीयू में इलाज चल रहा है। वार्ड की मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया गया है। - डॉ. प्रशांत गुप्ता, प्राचार्य, एसएन मेडिकल कॉलेज

छत से प्लास्टर गिर पड़ा