पकड़ा फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाला गैंग
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शासन से अनुमति के बाद जांच की गई। इसके बाद गुरुवार सुबह छापा मारा गया। एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद, एसपीआरए पश्चिमी रवि कुमार, सीओ छत्ता विकास जायसवाल के नेतृत्व में टीम पहुंची। खोखों और दुकानों में कार्यालय बनाए गए थे। इन पर परिवहन विभाग उत्तर प्रदेश ऑनलाइन टैक्स का बोर्ड लगा रखे थे। कंप्यूटर से दस्तावेज तैयार किए जा रहे थे। पुलिस की कार्रवाई से हड़कंप मच गया। पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
ऑनलाइन टैक्स जमा करने के नाम पर फर्जीवाड़ा
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि सैंया सीमा पर दुकानों पर परिवहन विभाग उत्तर प्रदेश का बोर्ड लगाया गया था। लोग ऑनलाइन टैक्स जमा करने आते थे। मगर, इसकी आड़ में अवैध खनन करके उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में जाने वाले वाहनों के फर्जी कागजात तैयार किए जाते थे।
राजस्थान से बिना रॉयल्टी के बालू, गिट्टी और मोरंग लाई जाती है। आरोपी बिल्टी, बालू-गिट्टी के जीएसटी के कागजात तैयार कर देते थे, जिनमें फर्म की रसीद होती थी, उसका पंजीकरण संख्या सही होती थी। मगर, वह फर्म कागजों में ही संचालित हो रही थी। इसमें विभागों के अधिकारियों की भी मिलीभगत सामने आ रही है।
क्योंकि यहां से बनने वाले कागजात वाले वाहनों को कहीं भी रोका नहीं जाता था। इस मामले में थाना सैंया में धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और अज्ञात लोक सेवकों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। थाना पुलिस की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
गिरफ्तारी और बरामदगी
गिरफ्तार आरोपी सैंया के देवी सिंह का पुरा निवासी होरीलाल, राघवेंद्र सिंह, संदीप, जितेंद्र सिंह, जाजऊ निवासी सहदेव सिंह, कुलदीप, सैंया निवासी गजेंद्र सिंह, प्रदीप, सुरेंद्र, गुड्डू और मंसुखपुरा निवासी भूपेंद्र हैं।
आरोपियों से तीन लैपटॉप, चार प्रिंटर, तीन की बोर्ड, दो माउस, रसीद 33, मां वैष्णो देवी इंटरप्राइजेज की आठ खाली बिल बुक (यह 95 संख्या तक भरी है), मां वैष्णो धर्मकांटा की चार खाली रसीद बुक, सैंया नारानी ट्रेडर्स की एक खाली रसीद बुक, मैसर्स पचौरी सप्लायर्स की एक भरी हुई रसीद बुक, ठाकुर फार्म सेंटर की रसीद बुक और आठ रोकड़ बही, 84900 रुपये बरामद हुए। वहीं आरोपियों की तलाशी में 70 हजार रुपये मिले। पांच बाइक, कार बरामद हुईं।
सैंया के बख्श पुरा निवासी हरिया बघेल, जगवीर, सैंया के पुरा महाराज सिंह निवासी बबलू गुर्जर, लोकेश कसाना, भोलू गुर्जर, सैंया निवासी जीतू गुर्जर, जाजऊ निवासी पिंटू सिकरवार, अशोक सिकरवार, धौलपुर के मनिया निवासी रिंकू गुर्जर फरार हो गए।
दो टीमों की गोपनीय कार्रवाई
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि छापामार कार्रवाई को पूरी तरह से गोपनीय रखा गया। एक टीम उनके नेतृत्व में बनाई गई, जबकि एक टीम एसपी आरए रवि कुमार के नेतृत्व में बनी। दोनों टीम बिना वर्दी के थीं। टीम ने एक साथ छापा मारा। रात तकरीबन तीन बजे मौके पर पहुंच गए। खोखों और दुकानों पर बैठ गए। पहले पूरे खेल को देखा। इसके बाद छापामार कार्रवाई की।
प्रतिदिन पांच लाख की काली कमाई
सैंया में परिवहन विभाग उत्तर प्रदेश का बोर्ड लगाकर अवैध खनन की बालू और गिट्टी के कागजात बनाने का खेल तकरीबन दो साल से चल रहा था। पुलिस को एक फर्म की वर्ष 2018 की बिल बुक मिली है। तड़के तीन से सुबह सात बजे तक यह खेल चलता था। बाकी समय सिर्फ ऑनलाइन टैक्स का काम होता था। यह जानकारी पुलिस की पड़ताल और पूछताछ में सामने आई है।
फर्जी बिल बनाने में जीएसटी के 500 रुपये और एक हजार रुपये कमीशन के लिए जाते थे। जीएसटी फर्म के नाम से जमा कराया जाता था, जबकि कमीशन रख लेते थे। पुलिस ने बताया कि एक दिन में 500 से अधिक ट्रक निकलते थे। आरोपी पांच लाख तक प्रतिदिन कमा रहे थे।