ईपीएफ का पैसा खाते में जमा न करने का लगाया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश होटल मजदूरों की लाल झंडा यूनियन (संबंधित सीटू) के बैनर तले शनिवार को सूर्या होटल के मजदूरों ने श्रम कानूनों की अनदेखी और मांगों को नजर अंदाज किए जाने के विरोध में होटल के बार प्रदर्शन किया। इसमें शामिल सीटू नेताओं ने कहा कि होटल में काम कर रहे मजदूरों की जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
उन्होंने होटल प्रबंधन द्वारा पिछले कई महीनों से मजदूरों के वेतन से ईपीएफ और ईएसआई की कटौती कर संबंधित खातों में जमा नहीं किए जाने का आरोप लगाया है। सीटू के राज्य अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, शिमला जिला महासचिव अमित, कोषाध्यक्ष बालक राम, सचिव दिलीप, यूनियन के प्रधान प्रताप चौहान, महासचिव कपिल नेगी, कोषाध्यक्ष श्याम ने कहा कि यह श्रम कानूनों का गंभीर उल्लंघन है। गेट मीटिंग को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि होटल के मजदूरों को समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा है, कर्मचारियों की कमी के कारण अतिरिक्त काम लिया जा रहा है। तीन वर्षों से वर्दी तक नहीं दी गई है, ईएसआई से बाहर मजदूरों को किसी प्रकार का चिकित्सा भत्ता नहीं दिया जा रहा है।
विजेंद्र मेहरा और होटल सूर्या यूनिट के प्रधान रती राम ने होटल प्रबंधन को चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों का समाधान जल्द नहीं किया तो आने वाले समय में सीटू उग्र आंदोलन करेगी। मेहरा ने कहा कि गेट मीटिंग के दौरान होटल प्रबंधन के साथ हुई बैठक में 7 माह से लंबित ईपीएफ और ईएसआई की राशि जमा करने की बात को माना। मेहरा ने कहा कि यह संघर्ष की जीत है। उन्होंने कहा कि यदि बाकी मांगों को पूरा नहीं किया तो सीटू आंदोलन उग्र करेगी। गेट मीटिंग में एसएफआई राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर, जिला अध्यक्ष विवेक नेहरा, जिला सचिव पवन, कमल, वैशाली, स्नेहा, अरुण, हिमांशु, तिलक राज, सीता राम, निशा, उमा, चंपा, पिंकू, बलवीर राणा, अनिल, विक्रम, मनोहर, संत राम, कल्याण, शिशु पाल, बुद्धि सिंह, प्रकाश, अरविंद, अनिल और देश राज सहित अन्य मजदूर शामिल हुए।