जांच में यह भी सामने आया कि अतिक्रमण वर्ष 2024 में किया गया और पूर्व में जारी नोटिस के बावजूद कब्जा नहीं हटाया गया। जांच तहसीलदार जयसिंहपुर की गई। इसमें आरोपों की पुष्टि हुई। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि संबंधित पंचायत प्रतिनिधि द्वारा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा पंचायती राज अधिनियम का उल्लंघन है। उपप्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इसका जवाब भी संतोषजनक नहीं पाया गया। उपायुक्त हेम राज बैरवा ने अपने आदेश में कहा कि कोई भी पंचायत प्रतिनिधि यदि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करता है या करवाता है, तो वह पद पर बने रहने का पात्र नहीं है। इसी आधार पर उपप्रधान हरि दास को तत्काल प्रभाव से पद से हटाने के आदेश दिए गए हैं।