हिमाचल प्रदेश सरकार ने शिमला स्थित उच्च न्यायालय और जिला अदालत परिसर की ओर जाने वाले सील एवं प्रतिबंधित मार्गों को लेकर उठे विवाद के समाधान के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार समिति तत्काल प्रभाव से कार्य करेगी और सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
समिति की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश के महाधिवक्ता अनुप रत्न करेंगे। इसके अलावा समिति में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हमेंदर सिंह चंदेल, पूर्व महाधिवक्ता श्रवण डोगरा, अशोक शर्मा और बार काउंसिल के निर्वाचित सदस्य संजीव भूषण को सदस्य बनाया गया है।
सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि समिति अदालत परिसरों तक अधिवक्ताओं की पहुंच के संदर्भ में सील और प्रतिबंधित मार्गों से जुड़े मुद्दों का अध्ययन करेगी। साथ ही संबंधित विभागों, अधिकारियों और अन्य हितधारकों से विचार-विमर्श कर स्थायी और व्यावहारिक समाधान के लिए सिफारिशें देगी।
समिति के संयोजक के रूप में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अशीष सिंहमार को नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त पुलिस मुख्यालय के डीआईजी (लॉ एंड ऑर्डर), उपायुक्त शिमला और पुलिस अधीक्षक शिमला को भी समिति में शामिल किया गया है।
अधिसूचना के अनुसार गृह विभाग समिति को आवश्यक सचिवीय और समन्वय सहयोग उपलब्ध कराएगा। सरकार को उम्मीद है कि समिति की सिफारिशों से अदालतों तक पहुंच को लेकर चल रहे विवाद का व्यावहारिक समाधान निकल सकेगा।