सिरमाैर जिले के नौहराधार स्थित हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक शाखा में वर्ष 2024 में सामने आए करोड़ों रुपये के कथित गबन एवं धोखाधड़ी के मामले में बैंक प्रबंधन ने कार्रवाई करते हुए तत्कालीन सहायक प्रबंधक ज्योति प्रकाश की सेवाएं स्थायी रूप से समाप्त कर दी हैं। बैंक के प्रबंध निदेशक की ओर से विभागीय जांच पूरी होने के बाद जारी आदेश में उन्हें गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और बैंक निधियों के दुरुपयोग का दोषी पाया गया है।
आदेश के अनुसार अगस्त 2024 में नौहराधार शाखा में धोखाधड़ी एवं धन के गबन का मामला सामने आने के बाद ज्योति प्रकाश को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान उनके विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी। विभागीय जांच में पाया गया कि उन्होंने लंबे समय तक शाखा में रहते हुए बैंक और जमाकर्ताओं के खातों से अनियमित तरीके से धन का दुरुपयोग किया तथा विभिन्न ऋण एवं खातों में हेराफेरी की।
जांच अधिकारी की रिपोर्ट में आरोपों को प्रमाणित मानते हुए बैंक प्रबंधन ने इसे अत्यंत गंभीर वित्तीय कदाचार करार दिया। इसके बाद सक्षम प्राधिकारी ने बैंक सेवा नियमों के तहत ज्योति प्रकाश की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया। वर्तमान में वह सिरमौर की हाब्बन शाखा में कार्यरत थे। बैंक के एमडी विनय सिंह की और से इसको लेकर आदेश जारी किए गए हैं।
बैंक प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी कर्मचारी के प्रति शून्य सहनशीलता (जीरो टॉलरेंस) की नीति अपनाई जाएगी तथा भविष्य में भी दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ इस मामले की आपराधिक जांच भी संबंधित एजेंसियों की ओर से जारी है। उधर, बैंक के प्रबंध निदेशक विनय सिंह ने बताया कि प्रबंधन ने कड़ा संज्ञान लेते हुए विस्तृत जांच की। इसके बाद आरोपी बैंक शाखा प्रबंधक को बर्खास्त कर दिया है।