हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई कर्मचारी कठिन, जनजातीय या दुर्गम क्षेत्रों में निर्धारित कार्यकाल पूरा कर लेता है, तो विभाग पद खाली नहीं होने की वजह से उसका आवेदन रद्द नहीं कर सकता है। पद खाली नहीं होने का तर्क वैध नहीं है और न ही विभाग कर्मचारी को उसके मनपसंद स्टेशन पर तैनाती देने से इन्कार कर सकता है। याचिकाकर्ता कुल्लू जिले के कठिन क्षेत्र समेज स्थित सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शारीरिक शिक्षा प्रवक्ता (डीपीई) पद पर 2021 से सेवारत है। याचिकाकर्ता ने स्थानांतरण नीति के अनुसार दो सर्दियां और तीन गर्मियां बिताने का कार्यकाल पूरा कर लिया है। इस पर उन्होंने विभाग के समक्ष एक प्रतिवेदन दिया, जिसमें अपनी पसंद के पांच स्टेशनों का विकल्प दिया था, लेकिन सक्षम प्राधिकारी ने 27 जनवरी को उनका आवेदन यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उनकी ओर से मांगे गए 30 किमी दायरे में कोई पद खाली नहीं है। इसके बाद उन्हें शिमला जिले के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल थरोला भेज दिया गया।