लोकभवन की ओर से कहा गया कि यह बजट सत्र का समय है। बजट सत्र में भी यह प्रस्ताव पारित हो सकता है। ऐसे में सरकार की ओर बजट सत्र का प्रस्ताव लाया जाए। करीब आधे घंटे तक चली बातचीत में सरकार की ओर से कहा गया कि आरडीजी खत्म करने का विरोध दर्ज कराने और हिमाचल के हितों के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना जरूरी है।
यह ग्रांट बंद होने से राज्य की वित्तीय स्थिति पर गहरा असर पड़ेगा। इस विशेष सत्र के माध्यम से सरकार विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजकर इस फैसले को वापस लेने का आग्रह करेगी। सत्र को मंजूरी न मिलने से सरकार और लोकभवन के बीच खिंचाव और बढ़ने के आसार हैं। हालांकि, सरकार की ओर से कोई इस पर कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
विशेष सत्र नहीं, सीधे बजट सत्र ही होगा: सीएम सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू ने कहा कि विधानसभा के विशेष सत्र को लेकर राज्यपाल की ओर से दिए गए सुझाव को सरकार ने मान लिया है। अब जल्द ही बजट सत्र की अधिसूचना जारी की जाएगी। अब विशेष सत्र नहीं, सीधे बजट सत्र ही होगा। कहा कि बजट सत्र के दौरान आरडीजी को लेकर चर्चा की जाएगी। हिमाचल प्रदेश की जनता को यह पता लगना चाहिए कि केंद्र सरकार ने प्रदेश को क्या दिया है। जो करों की हिस्सेदारी है, वह हर साल बढ़ती है। विशेष ग्रांट जो हिमाचल प्रदेश को आरडीजी के रूप में मिलती थी, वह 72 साल बाद बंद हुई है। भाजपा के विधायकों का सहयोग चाहिए कि वे विशेष सत्र में अपनी बात रखें। भाजपा की ओर से सोशल मीडिया में गलत बात की जा रही है।