पौना दो किलो चरस मामले में आरोपी की जमानत याचिका खारिज, जेल में ही रहना होगा
पुलिस ने पुजारली सड़क के पास दबोचाा था आरोपी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। अदालत ने नेपाल मूल के आरोपी की 1.811 किलोग्राम चरस मामले में जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कड़े प्रावधानों के तहत आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती। विशेष जिला एवं सत्र न्यायाधीश दो शिमला यजुवेंद्र सिंह की अदालत ने सुप्रीम कोर्ट और प्रदेश हाईकोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए आरोपी की जमानत याचिका खारिज की। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को रेखांकित करते हुए कहा कि एक हत्यारा केवल एक या दो लोगों की हत्या करता है, लेकिन मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले लोग अनगिनत मासूम युवाओं को मौत की ओर धकेलते हैं। समाज पर इसका घातक असर पड़ता है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 9 फरवरी 2026 की रात करीब 10:00 बजे चौपाल पुलिस गश्त पर थी। इस दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नेपाल निवासी आरोपी चंदन चरस लेकर पुजारली से बामटा की तरफ पैदल आ रहा है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को शंग्रोली कैंची पुजारली सड़क के पास दबोच लिया। इसके बैग से 1.811 किलोग्राम चरस बरामद हुई थी। अभियोजन पक्ष ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए दलील दी कि आरोपी मूल रूप से नेपाल का रहने वाला है। यदि उसे जमानत पर रिहा किया तो वह न्याय की गिरफ्त से भाग सकता है। दूसरी ओर आरोपी ने दलील दी कि जांच पूरी हो चुकी है। अदालत में चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है, इसलिए आरोपी को हिरासत में रखने का कोई औचित्य नहीं है।
अदालत ने कहा कि एनडीपीएस कानून के तहत जमानत देने के लिए ठोस और तार्किक आधार होना चाहिए कि आरोपी निर्दोष है। इस मामले में आरोपी के पास सीधे तौर पर प्रतिबंधित सामग्री बरामद हुई है, इसलिए उसे बेकसूर नहीं माना जा सकता। इन तमाम पहलुओं और अपराध की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है।