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Himachal News: मुख्यमंत्री सुक्खू बोले- आर्थिक तंगी में भी कांगड़ा एयरपोर्ट के लिए हो रहा है भूमि अधिग्रहण

Wed, 21 Jan 2026 07:47 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि पिछली भाजपा सरकार ने जनता की संपदा को लुटाने का काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि वे आर्थिक तंगी में भी कांगड़ा एयरपोर्ट की भूमि का अधिग्रहण करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर...
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि आर्थिक तंगी में भी कांगड़ा एयरपोर्ट की भूमि का अधिग्रहण करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह भूमि अधिग्रहण के बाद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाएंगे। सुक्खू ने कहा कि जयराम ठाकुर अपने ठेकेदार मित्रों को पैसा लुटाते रहे। उन्होंने 1000 करोड़ रुपये के भवन बना दिए। उन्हीं भवनों में सरकार कार्यालय ले जा रही है।

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उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने जनता की संपदा को लुटाने का काम नहीं किया। राज्य के राजस्व में जीएसटी के युक्तिकरण से नुकसान हो रहा है। कांगड़ा एयरपोर्ट के भू-अधिग्रहण के लिए साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये की जरूरत है। इसका प्रावधान हो रहा है। सरकार पर्यटन के लिए ज्यादा बजट का प्रावधान करेगी। प्रदेश की आर्थिक स्थिति मजबूत होती जा रही है और जयराम ठाकुर के समय की आर्थिक स्थिति का आकलन किया जाए तो 2017 से 2022 तक भारत सरकार ने जीएसटी प्रतिपूर्ति के उन्हें 3200 करोड़ रुपये सालाना दिए। जून 2022 में इस जीएसटी प्रतिपूर्ति को बंद किया गया। यानी 16000 करोड़ रुपये भाजपा को मिले। उन्हें वैट और आबकारी में 4 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसी तरह राजस्व घाटा अनुदान में भी भाजपा के समय में 11000 करोड़, 10000 करोड़ और 9000 करोड़ रुपये मिले।

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उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के समय में 6000 करोड़ रुपये पिछले साल और इस साल 3200 करोड़ रुपये मिले हैं। सरकार ने न तो विकास की गति रुकने दी और न ही सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन और पेंशन में कमी आने दी। सरकार राजकोषीय अनुशासन से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर के समय बहुत पैसा मिलता था। मगर उन्होंने पर्यटन उद्याेग को कभी अहमियत नहीं दी। उनका ड्रीम प्रोजेक्ट था कि मंडी में हवाई अड्डा बनाया जाए। हिमाचल की जनता की सेवा करना ही वर्तमान सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है। वे पांच साल तक 1000 करोड़ रुपये का गुणगान करते रहे। आज तक मंडी का बल्ह एयरपोर्ट नहीं बना।
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