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Bilaspur News: तीसरे गुप्त नवरात्र तक श्री नयनादेवी में 21 हजार ने टेका माथा
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संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयना देवी जी (बिलासपुर)। प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नयना देवी जी में तीसरे गुप्त नवरात्र तक करीब 21 हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका। श्रद्धालुओं ने माता के चरणों में शीश नवाकर अपने परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
सोमवार से गुप्त नवरात्र शुरू हुए हैं, जिसमें प्रदेश सहित बाहरी राज्यों से श्रद्धालु दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं। पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार सहित अन्य राज्यों से श्रद्धालुओं ने माता रानी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान मंदिर के पुजारी गुप्त नवरात्र पर विशेष अनुष्ठान और साधना में लीन रहे। मंदिर के पुजारी राजेश शर्मा ने बताया कि गुप्त नवरात्र में की गई साधना का विशेष महत्व होता है और इससे माता रानी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वर्ष में चार बार नवरात्र मनाए जाते हैं। चैत्र और आश्विन नवरात्र सार्वजनिक रूप से मनाए जाते हैं, जबकि आषाढ़ और माघ मास के नवरात्र को गुप्त नवरात्र कहा जाता है, जिनका विशेष महत्व साधना, उपासना और तंत्र साधना के लिए माना जाता है।
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श्री नयना देवी जी (बिलासपुर)। प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नयना देवी जी में तीसरे गुप्त नवरात्र तक करीब 21 हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका। श्रद्धालुओं ने माता के चरणों में शीश नवाकर अपने परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
सोमवार से गुप्त नवरात्र शुरू हुए हैं, जिसमें प्रदेश सहित बाहरी राज्यों से श्रद्धालु दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं। पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार सहित अन्य राज्यों से श्रद्धालुओं ने माता रानी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान मंदिर के पुजारी गुप्त नवरात्र पर विशेष अनुष्ठान और साधना में लीन रहे। मंदिर के पुजारी राजेश शर्मा ने बताया कि गुप्त नवरात्र में की गई साधना का विशेष महत्व होता है और इससे माता रानी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वर्ष में चार बार नवरात्र मनाए जाते हैं। चैत्र और आश्विन नवरात्र सार्वजनिक रूप से मनाए जाते हैं, जबकि आषाढ़ और माघ मास के नवरात्र को गुप्त नवरात्र कहा जाता है, जिनका विशेष महत्व साधना, उपासना और तंत्र साधना के लिए माना जाता है।
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