फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजस्थान में मौसम का कहर: ओलों की सफेद चादर से ढंकी धोरों की धरती, अचानक आए बदलाव ने तोड़ी किसानों की कमर

Fri, 03 Apr 2026 08:48 PM IST
Priya Verma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान में अचानक बदले मौसम ने तबाही मचा दी। ओलावृष्टि ने जहां धोरों को सफेद चादर से ढंक दिया, वहीं ओलों की मार से किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं।
Register For Event
विज्ञापन
किसानों की मेहनत पर ओलों की मार - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजस्थान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ली। प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का दौर देखने को मिला, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। मौसम में अचानक आए इस बदलाव से किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा।
विज्ञापन


उत्तर राजस्थान के श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जैसलमेर और बीकानेर जिलों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। वहीं सीकर और नागौर सहित कई इलाकों में भी बारिश दर्ज की गई। चूरू के सरदारशहर में तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी चली, जिससे आसमान धुंधला हो गया। राजधानी जयपुर में भी पूरे दिन बादल छाए रहे।

मौसम विभाग के अनुसार बीकानेर, जोधपुर, जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभागों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी चेतावनी जारी की गई है।
विज्ञापन


श्रीगंगानगर में दोपहर करीब 3:15 बजे तेज आंधी और बारिश के बाद अचानक ओलावृष्टि शुरू हो गई। कुछ ही मिनटों में खेत, सड़कें और आसपास का क्षेत्र ओलों की सफेद परत से ढंक गया, जिससे दृश्य कश्मीर जैसा नजर आने लगा। हालांकि इस ओलावृष्टि से गेहूं सहित कई फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।

जैसलमेर के नाचना और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने खेती को भारी नुकसान पहुंचाया है। विशेष रूप से जीरा और इसबगोल जैसी नकदी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं।

ये भी पढ़ें: वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर: सीकर में हुई झमाझम बारिश, ऑरेंज अलर्ट जारी; उमस से मिली राहत

किसानों के अनुसार फसलें कटाई के बिल्कुल करीब थीं। कई किसानों ने तो अपनी फसल काटकर खेतों में ही रखी हुई थी लेकिन अचानक आई इस आपदा ने उनकी सालभर की मेहनत पर पानी फेर दिया। ओलों की मार और तेज हवाओं के कारण फसलें जमीन पर बिछ गईं और पूरी तरह खराब हो गईं।

इसबगोल की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है क्योंकि यह फसल नमी और ओलों के प्रति बेहद संवेदनशील होती है। ओलों की तेज चोट और लगातार बारिश के कारण इसकी गुणवत्ता पूरी तरह प्रभावित हो गई है, जिससे किसानों को आर्थिक रूप से बड़ा झटका लगा है। बीकानेर के कुछ हिस्सों में भी ओलावृष्टि दर्ज की गई, जबकि हनुमानगढ़ में बारिश के साथ ओले गिरे। अजमेर में भी तेज बारिश हुई, जिससे गर्मी से थोड़ी राहत मिली।

जयपुर मौसम केंद्र ने 4 अप्रैल को उदयपुर, अजमेर, कोटा, जयपुर, भरतपुर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में तेज आंधी, भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। 5 और 6 अप्रैल को मौसम कुछ सामान्य रह सकता है लेकिन 7 अप्रैल से एक और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे फिर मौसम खराब हो सकता है।
विज्ञापन


मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटाई की गई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें, खुले में रखे अनाज को ढंककर रखें और ओलावृष्टि व बारिश से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतें। विभाग ने चेतावनी दी है कि खुले में रखी फसलें इस मौसम में सबसे अधिक जोखिम में हैं।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें