यूनिवर्सिटी के कुलपति जगदीप सिंह ने कहा कि यह निर्णय विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखकर लिया गया है। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी लंबे समय से वित्तीय तंगी से जूझ रही थी। इसी कारण करीब पांच साल बाद ट्यूशन और हॉस्टल फीसों में सीमित बढ़ोतरी की गई थी।
पटियाला की पंजाबी यूनिवर्सिटी ने विद्यार्थियों के विरोध प्रदर्शन के बाद फीसों में की गई वृद्धि को आंशिक रूप से वापस ले लिया है। मंगलवार को लिए गए इस फैसले से विद्यार्थियों पर पड़ने वाला अतिरिक्त आर्थिक बोझ काफी हद तक कम होगा।
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यूनिवर्सिटी के कुलपति जगदीप सिंह ने कहा कि यह निर्णय विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखकर लिया गया है। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी लंबे समय से वित्तीय तंगी से जूझ रही थी। इसी कारण करीब पांच साल बाद ट्यूशन और हॉस्टल फीसों में सीमित बढ़ोतरी की गई थी। यह बढ़ोतरी महंगाई और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में हुई कुल वृद्धि से काफी कम थी। हॉस्टल फीस में बदलाव से पहले अन्य राज्य विश्वविद्यालयों से तुलना की गई थी। तुलना में पंजाबी यूनिवर्सिटी की फीस कम पाई गई थी।
इस फैसले के बाद फीसों में प्रभावी बढ़ोतरी अब लगभग 7.5 फीसदी रह गई है। यह बदलाव लगभग पांच साल के अंतराल के बाद किया गया है। जगदीप सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों की भलाई हमेशा यूनिवर्सिटी की नीति का केंद्र बिंदु रहा है। यूनिवर्सिटी अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करने, शिक्षा और शोध की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी योग्य छात्र वित्तीय कारणों से उच्च शिक्षा से वंचित न रहे।