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क्या पंजाब कांग्रेस में दूर होगा मतभेद: चन्नी गुट बोला-ये नहीं एक्सपेरिमेंट का समय, फिर भी बनाई बघेल से दूरी

Fri, 10 Jul 2026 07:00 AM IST
शाहिल शर्मा मोहित धुपड़, चंडीगढ़

सार

पंजाब के प्रभारी भूपेश बघेल के चंडीगढ़ दौरे को चार दिन बीत गए हैं और वे बागी नेताओं का नेतृत्व कर रहे चन्नी से मिलना चाहते हैं। संदेश मिलने के बावजूद चन्नी अभी तक बघेल से दूरी बनाए हुए हैं।
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पंजाब कांग्रेस में मतभेद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब के नाराज कांग्रेसी भले ही हाईकमान के फैसले से नाराज हैं मगर वे टकराव की स्थिति नहीं चाहते। यह बात वीरवार को पूर्व सीएम चन्नी समेत उनके गुट के नेताओं ने साफ कर दी है। उनका कहना है कि किसी मसले पर मतभेद होना गलत नहीं और हर वरिष्ठ नेता की बात का मूल्य होता है। वे सभी एकजुट हैं मगर अपनी बात रखना गलत नहीं है। वे भी परिस्थितियों से हाईकमान को पूरी तरह अपडेट कर रहे हैं।
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इन नेताओं का कहना है कि विधानसभा चुनाव सिर पर है और पंजाब में यह एक्सपेरिमेंट करने का समय नहीं है। दरअसल, इन नेताओं का इशारा मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष को बदलने के बजाय उनके साथ तीन नए कार्यवाहक प्रदेशाध्यक्ष लगाए जाने के फॉर्मूले की ओर था। इस फॉर्मूले का सुझाव पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने ही हाईकमान को दिया था जिस पर मुहर लगी। नाराज नेता प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को बदलना चाहते थे।

हाईकमान के समक्ष रखेंगे अपनी बात : रंधावा
सांसद एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि पंजाब कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता सामूहिक रूप से हाईकमान से मुलाकात करेंगे। कोई भी नेता व्यक्तिगत तौर पर नहीं, बल्कि सभी मिलकर अपनी बात रखेंगे और हाईकमान की राय भी सुनेंगे। कांग्रेस में लोकतांत्रिक व्यवस्था है। पार्टी के भीतर यदि किसी मुद्दे पर मतभेद हैं तो उन्हें आपसी बातचीत के माध्यम से सुलझाया जाएगा।
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पार्टी की संगठनात्मक प्रक्रिया के तहत केवल भूपेश बघेल ही नहीं, बल्कि केसी वेणुगोपाल, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी आते हैं, इन सभी से मुलाकात की जाएगी। जरूरत पड़ी तो दिल्ली भी जाएंगे। सभी नेता एकजुट होकर पंजाब कांग्रेस से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे और हाईकमान के मार्गदर्शन के अनुसार आगे की रणनीति तय करेंगे। 
रंधावा ने कहा कि कांग्रेस का मुख्य लक्ष्य पंजाब में पार्टी को मजबूत करना और आगामी चुनावों में कांग्रेस को जीत दिलाना है। उन्होंने कहा कि आपसी मतभेद किसी भी लोकतांत्रिक दल में हो सकते हैं लेकिन कांग्रेस का असली मुकाबला आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी से है। 

आम आदमी पार्टी ने पंजाब को बर्बाद कर दिया है। पंजाब को बचाने के लिए काम करना सबसे बड़ी पहल और चुनौती है। उन्होंने पंजाब के मौजूदा हालात पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि एफबीआई की कार्रवाई और पंजाब पुलिस की गैंगस्टरों व फिरौतियों संबंधी कार्यप्रणाली को लेकर पंजाब की छवि देश और विदेश में प्रभावित हुई है। पुलिस ने पंजाब को पूरी दुनिया में बदनाम कर दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन सभी मुद्दों को गंभीरता से उठाएगी और पार्टी के भीतर सभी विषयों का समाधान आपसी सहमति से किया जाएगा।

हाईकमान के समक्ष सामूहिक बात रखेंगे: परगट 
विधायक परगट सिंह ने कहा कि कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है। यहां विचारों में मतभेद हो सकते हैं लेकिन पार्टी पूरी तरह एकजुट है। सभी नेता मिलकर कांग्रेस को मजबूत करेंगे, आगामी चुनाव एकजुट होकर लड़ेंगे और पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए पूरी ताकत से काम करेंगे। कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता सामूहिक रूप से हाईकमान के समक्ष अपनी बात रखेंगे। कोई भी नेता व्यक्तिगत तौर पर नहीं, बल्कि सभी मिलकर पार्टी हित में चर्चा करेंगे और हाईकमान के मार्गदर्शन के अनुसार आगे की रणनीति तय करेंगे। 

यही कांग्रेस की लोकतांत्रिक परंपरा है। भाजपा और आम आदमी पार्टी की तरह कांग्रेस में तानाशाही नहीं है, बल्कि संवाद और सामूहिक निर्णय की संस्कृति है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य केवल संगठन को मजबूत करना नहीं, बल्कि पंजाब को मौजूदा संकट से बाहर निकालना भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि कांग्रेस के सभी नेता एकजुट होकर पंजाब के लोगों का भरोसा जीतेंगे और आगामी चुनाव में पार्टी को विजय दिलाएंगे।

 उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने पंजाब को हर मोर्चे पर पीछे धकेल दिया है। कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और गैंगस्टरों व फिरौती की घटनाओं ने राज्य की छवि को देश और विदेश में नुकसान पहुंचाया है। कांग्रेस इन सभी मुद्दों को मजबूती से उठाएगी और जनता के हितों के लिए संघर्ष जारी रखेगी। 
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चन्नी की अभी तक बघेल से दूरी
पंजाब के प्रभारी भूपेश बघेल के चंडीगढ़ दौरे को चार दिन बीत गए हैं और वे बागी नेताओं का नेतृत्व कर रहे चन्नी से मिलना चाहते हैं। संदेश मिलने के बावजूद चन्नी अभी तक बघेल से दूरी बनाए हुए हैं। सूत्र बताते हैं कि चन्नी शनिवार को बघेल से मिल सकते हैं। बघेल शुक्रवार को विधायक राणा गुरजीत के घर पहुंचेंगे जहां नाराज नेताओं के गुट से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और विधायक परगट सिंह बघेल से मिलकर अपनी बात रख सकते हैं। वीरवार को बघेल ने पूर्व सीएम राजिंदर कोर भट्ठल और पूर्व मंत्री ब्रह्म मोहिंदर से मुलाकात की। 

चर्चा को बढ़ावा देती है कांग्रेस : बघेल
वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिलने की प्रक्रिया चल रही है और यह जारी रहेगी। कांग्रेस में सभी नेता अपनी राय रख सकते हैं क्योंकि पार्टी बहस और चर्चा को बढ़ावा देती है। कांग्रेस में बातचीत और आदेश का तरीका एकतरफा नहीं होता है। हर नेता के अनुभव और योगदान को महत्व दिया जाता है। पार्टी पूरी तरह एकजुट है और रहेगी। - भूपेश बघेल, प्रभारी, पंजाब कांग्रेस

हम सभी एकजुट हैं : वड़िंग
 कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह के बयान पर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा, वे सभी हमारे परिवार के सदस्य हैं। मैंने सुना है कि विचारों में मतभेद होते रहते हैं। हमारी पार्टी किसी तानाशाह द्वारा नहीं चलाई जाती। हमारी पार्टी आम आदमी पार्टी जैसी नहीं है, जहां तानाशाही चलती है और किसी और को बोलने की इजाजत नहीं होती। हमारी पार्टी बीजेपी जैसी भी नहीं है, जहां कोई बोल नहीं सकता। कांग्रेस पार्टी में सभी को आजादी है। बघेल पहले से ही सभी वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में हैं और उन्होंने आपको बताया है कि हम बैठक कर रहे हैं। हम एक हैं और एकजुट हैं।
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