ऑपरेशन हार्ड बॉल के तहत विदेशी एजेंसियां तीन साल से अंडरकवर एजेंट बनकर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया के नेटवर्क को खंगाल रही थीं। जुलाई 2023 से एजेंसियों ने जाल बिछा रखा था। जिसके तहत 24 आरोपी अभी तक हत्थे चढ़ चुके हैं। इसी मामले में पंजाब पुलिस का एक एसएचओ गुरजिंदर सिंह नागरा भी कथित रूप से इस मामले में फंस गया है। उसे भी आरोपी बनाया गया है।
अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई (एफबीआई), ड्रग एन्फोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (डीईए), होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशंस (एचएसआई) और कनाडा सहित कई अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने लगभग तीन वर्षों तक चले एक बड़े अंडरकवर ऑपरेशन के बाद लॉरेंस बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया से जुड़े कथित अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की है। इसे 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' का नाम दिया गया था। जिसके तहत 37 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया जबकि 24 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, 10 अन्य आरोपित अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
अमेरिकी जांच एजेंसियों के अनुसार, इस ऑपरेशन के दौरान करीब 1,000 किलोग्राम कोकीन, 1 किलोग्राम हेरोइन, 12 हथियार और लगभग 40 हजार अमेरिकी डॉलर नकद बरामद किए गए। इस दौरान न केवल मादक पदार्थों की तस्करी बल्कि संगठित अपराध, हथियारों की खरीद-फरोख्त, जबरन वसूली और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गठजोड़ के नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई।
मुखबिर के चुंगल में फंसे तस्कर
10 जुलाई 2023 को रविंदर सिंह ढांडा नाम के एक व्यक्ति ने अनजाने में एक ऐसे व्यक्ति से संपर्क किया, जो अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों का गोपनीय मुखबिर था। ढांडा ने उससे लॉस एंजिलिस तक कोकीन पहुंचाने में सहयोग मांगा। बस, यहीं से ये नेटवर्क एजेंसियों के राडार पर आ गया। 17 जुलाई को अमेरिका-कनाडा सीमा के निकट स्थित पीस आर्च हिस्टोरिकल पार्क में दोनों के बीच पहली गुप्त मुलाकात हुई। इस बैठक में सीमा पार कोकीन और मेथामफेटामिन की तस्करी के तरीकों पर चर्चा की गई। इसके बाद एजेंसियों ने मुखबिर के माध्यम से पूरे नेटवर्क में धीरे-धीरे अपनी पहुंच बनानी शुरू कर दी।
एजेंसियों के अंडरकवर एजेंट और मुखबिर ने कई मादक पदार्थों की खेप की डिलीवरी में सहयोग किया और इसी दौरान एजेंसियों ने गिरोह के संचालन, संपर्क सूत्रों, आर्थिक लेन-देन और ड्रग सप्लाई चेन से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत जुटाए। मुखबिर ने गिरोह के सदस्यों का विश्वास जीत लिया और वह लगातार नेटवर्क के संपर्क में बना रहा।