पासपोर्ट बनवाने से पहले जानिए 10 ऐसी बातें, जिनके बारे में आपको जरूर पता होना चाहिए। ध्यान नहीं दिया तो पछताएंगे और परेशानी भी झेलेंगे।
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passport
अब नहीं बनेगा ऑरेंज कलर का पासपोर्ट
गत 13 जनवरी को सरकार ने ऑरेंज कलर का पासपोर्ट लाने का एलान किया था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। देशवासियों को ब्लू कलर का पासपोर्ट मिलता रहेगा। इसी के साथ पासपोर्ट का आखिरी पेज भी प्रिंट होगा, जिस पर मां, पिता, पति-पत्नी का नाम और एड्रेस होता है। अमर उजाला पत्रकार से बातचीत करते हुए क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी शिबाश कबिराज ने कई जानकारियां दीं।
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पासपोर्ट
- फोटो : amar ujala
56 देशों की यात्रा के नहीं चाहिए वीजा
अधिकारी ने बताया कि 55 देशों में भारतीय पासपोर्ट धारक बिना वीजा लिए जा सकते हैं। भूटान और नेपाल में भारतीय केवल पासपोर्ट के जरिए जा सकते हैं, लेकिन वीजा की जरूरत नहीं। पासपोर्ट भी नहीं है तो वोटर आईडी कार्ड के जरिए भी इन देशों में आप जा सकते हैं। कई देश टूरिस्ट वीजा बॉर्डर पर या एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद जारी करते हैं। इसकी फीस दो देशों के बीच होने वाले बाइलेटरल एग्रीमेंट पर निर्भर करती है। अगर भारत के साथ किसी देश का एग्रीमेंट है तो वीजा सस्ता पड़ता है।
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इंडियन पासपोर्ट
'वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट' की अनिवार्यता खत्म
तत्काल पासपोर्ट के लिए अब 'वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट' देने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। नया नियम 25 जनवरी 2018 से लागू हो गया है। अब तक, अनुलग्नक एफ (तत्काल के तहत पासपोर्ट के लिए नमूना सत्यापन प्रमाण पत्र) के तहत, तत्काल श्रेणी के पासपोर्ट की सिफारिश करने वाले क्लास 1 अधिकारी द्वारा प्रमाणपत्र जारी करना आवश्यक होता था, अब इसकी जरूरत नहीं होगी।
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पासपोर्ट ऑफिस
तत्काल पासपोर्ट के लिए अतिरिक्त भुगतान करना होगा
अब तत्काल पासपोर्ट के लिए सामान्य पासपोर्ट से 2000 रुपये का अतिरिक्त भुगतान करना होगा। ऐसा करने पर तीन दिन के अंदर ही तत्काल पासपोर्ट जारी हो जाएगा। पुलिस वेरिफिकेशन की औपचारिकता बाद में पूरी की जाएगी। अभी नागरिकों के लिए सामान्य में 1500 रुपये, जबकि तत्काल पासपोर्ट की फीस 3500 रुपये देनी होती है। बता दें कि इस नए नियम के लागू हो जाने से पासपोर्ट एजेंटों के पास धक्के खाने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।
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पासपोर्ट
नया पासपोर्ट बनवाने के लिए आधार कार्ड जरूरी
अगर आप पासपोर्ट री-इश्यू कराना चाहता है तो उसके लिए आधार कार्ड की आवश्यकता नही है। फार्म भरकर अपना पुराना पासपोर्ट, पासपोर्ट कार्यालय में जमा कराएं, तय समय में पासपोर्ट रीन्यू होकर घर पहुंच जाएगा। अगर पासपोर्ट में दर्ज नाम या पते में कोई बदलाव कराना है तो आधार कार्ड देना होगा। विदेश मंत्रालय ने साल 2017 की शुरुआत में नया पासपोर्ट बनाने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया था। लेकिन लोगों को इसके बारे में पूरी जानकारी नहीं है।
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पासपोर्ट
पासपोर्ट के लिए बर्थ सर्टिफिकेट जरूरी नहीं
अधिकारी के मुताबिक, पहले पासपोर्ट बनवाने के लिए जन्म प्रमाणपत्र देना जरूरी थी। एक जनवरी 1989 के पहले जन्मे लोगों को यह सर्टिफिकेट देना होता था, लेकिन अब इसकी जरूरत नहीं होगी। अब आधार कार्ड, पैन कार्ड, मान्यता प्राप्त शैक्षणिक बोर्ड से जारी की गई मार्कशीट, स्कूल की टीसी, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर कार्ड और एलआईसी पॉलिसी बॉन्ड को भी जन्म प्रमाण पत्र के रूप में जमा किया जा सकता है।
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पासपोर्ट
अब सिर्फ तीन सर्टिफिकेट चाहिएं
अब पासपोर्ट बनवाने के लिए कुछ ही डोक्यूमेंट चाहिएं और ऑनलाइन आवेदन करना होगा। प्रोसेस शुरू होगा, 3 दिन में अप्वाइंटमेंट और 7 दिन में पासपोर्ट हाथ में होगा। तीन डॉक्यूमेंट्स में आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड और पैन कार्ड की कॉपी शामिल हैं। इसके अलावा फॉर्मैट एनेक्सचर-1 के साथ एक ऐफिडेविट (नागरिकता की घोषणा, फैमिली डिटेल्स और किसी क्रिमिनल बैकग्राउंड नहीं होना) है।
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पासपोर्ट
अनुलग्नकों का नंबर 15 से घटाकर 9 हो गया
पासपोर्ट फॉर्म के अनुलग्नकों का नंबर 15 से घटाकर 9 कर दिया गया है। इसलिए अब 9 तरह के मामलों में एनेक्सचर देना होगा। एनेक्सचर ए, सी, डी, ई और के को हटा दिया गया है और कुछ को मर्ज कर दिया गया है। ऐसे में डोक्यूमेंट्स की संख्या अब कम हो गई है। अब 8 साल से कम और 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को पासपोर्ट फीस में 10 फीसदी की छूट दी जाएगी। पासपोर्ट बनवाने के लिए सरकारी कर्मचारी अपना सर्विस रिकॉर्ड, पेंशन रिकॉर्ड भी दे सकते हैं।
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पासपोर्ट
सरकारी कर्मचारी को सिर्फ खुद का घोषणापत्र देना होगा
पासपोर्ट बनवाने के लिए अब सरकारी कर्मचारी को सिर्फ खुद का घोषणापत्र देना होगा। ऑनलाइन आवेदन करने वाला अब एक ही अभिभावक या कानूनी अभिभावक का नाम दे सकता है। इससे सिंगल पैरेंट के होते हुए भी बच्चे का पासपोर्ट बनवाने में मदद मिलेगी। पहले आवेदन में पिता का नाम देना अनिवार्य था, अब यह जरूरी नहीं है। अब इसका सिर्फ प्लेन पेपर पर प्रिंट लिया जा सकता है। इस दस्तावेज को अब सेल्फ अटेस्ट भी किया जा सकता है।
विवाह प्रमाणपत्र देने की जरूरत नहीं होगी
पासपोर्ट बनवाने के लिए अब शादीशुदा लोगों को विवाह प्रमाणपत्र देने की जरूरत नहीं होगी। जिनका तलाक हो चुका है, उन्हें भी तलाक के दस्तावेज नहीं देनें होंगे। इसके साथ ही पति या पत्नी का नाम देना भी जरूरी नहीं होगा। अनाथ बच्चों को भी पासपोर्ट बनवाने के लिए जन्म प्रमाणपत्र देने से छूट मिल गई है। अब अनाथालय या चाइल्ड केयर होम के प्रमुख का घोषणापत्र देने से ही काम चल जाएगा। गोद लिए बच्चे के लिए रजिस्टर्ड प्रमाणपत्र देने की जरूरत नहीं है।