सरकारी नौकरी का सपना देख रहे देश भर के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी। भर्ती के कई नियम बदल दिए गए हैं और अब इन्हीं के आधार पर जॉब मिलेगी।
वित्तमंत्री अरुण जेटली ने 1 फरवरी 2018 को पेश किए आम बजट में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साल 2018 शुरू होते ही सरकार ने ग्रुप सी और डी पदों पर भर्ती के लिए इंटरव्यू की बाध्यता खत्म कर दी। हरियाणा में मनोहर लाल सरकार ने साक्षात्कार प्रणाली को खत्म करने पर मुहर लगा दी है। ऐसे में अब हरियाणा में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की भर्तियों में इंटरव्यू नहीं होगा।
सीएम खट्टर की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल बैठक में यह निर्णय लिया गया। इससे प्रदेश में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों में बड़े पैमाने पर होने वाले भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी। बता दें कि तृतीय श्रेणी में पुलिस कर्मी, चालक-परिचालक, पटरवारी, टीजीटी, जेबीटी, सीएंडवी शिक्षक व अन्य कर्मी आते हैं, जबकि चतुर्थ श्रेणी में चपरासी, चौकीदार, माली, बेलदारी, सफाई कर्मी इत्यादि शामिल हैं।
हरियाणा में अब ग्रुप डी की सरकारी नौकरी आठवीं पास पा सकेंगे। सरकार ने चतुर्थ श्रेणी पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता मिडिल पास निर्धारित कर दी। वहीं ग्रुप-सी क्लर्क भर्ती में न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के साथ कंप्यूटर दक्षता की राज्य योग्यता पात्रता परीक्षा (एसईटीसी) अनिवार्य कर दिया गया है। वर्तमान में विभिन्न विभागों में ग्रुप-डी पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता अलग-अलग थी। कुछ विभागों में हिंदी और अंग्रेजी के ज्ञान को छोड़कर कोई शैक्षणिक योग्यता नहीं थी।
कुछ विभागों में मिडिल पास, कुछ मैट्रिक व दस जमा दो शैक्षणिक योग्यता के आधार पर भर्ती होती रही है। सरकार के ताजा निर्णय के बाद मंत्रिमंडल, सामान्य प्रशासन विभाग, वित्त विभाग व हरियाणा राज्य कर्मचारी चयन आयोग की स्वीकृति जरूरी नहीं होगी, भर्ती के लिए संबंधित विभाग अपने स्तर पर प्रासंगिक सेवा नियमों में संशोधन कर सकेंगे। प्रासंगिक सेवा नियमों में यह प्रावधान विधि विभाग से जांच कराने के बाद किया जा सकेगा।