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MP News: 38 साल बाद ओंकारेश्वर आएंगी राष्ट्रपति, तैयारियां अंतिम चरण में, राज्यपाल और सीएम भी रहेंगे मौजूद

Tue, 16 Jun 2026 07:36 PM IST
Priya Verma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर

सार

मां नर्मदा के तट पर स्थित ओंकारेश्वर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन को लेकर उत्साह का माहौल है। प्रशासन, पुलिस और मंदिर ट्रस्ट ने वीवीआईपी प्रोटोकॉल के तहत व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।
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18 को ओंकारेश्वर आएंगी महामहिम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर 18 और 19 जून को एक ऐतिहासिक अवसर की साक्षी बनने जा रही है। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दो दिवसीय प्रवास पर ओंकारेश्वर पहुंचेंगी। उनके आगमन को लेकर जिला प्रशासन, पुलिस, मंदिर ट्रस्ट, स्वास्थ्य विभाग और अन्य विभागों द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। संपूर्ण तीर्थ नगरी को सुरक्षा घेरे में लिया गया है तथा वीवीआईपी प्रोटोकॉल के तहत सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

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राष्ट्रपति के स्वागत के लिए प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी ओंकारेश्वर में मौजूद रहेंगे। खंडवा कलेक्टर ऋषभ गुप्ता एवं पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने जिले के सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ ओंकारेश्वर में डेरा डालकर व्यवस्थाओं की कमान संभाल ली है।

आगमन की तैयारियों में लगा प्रशासन - फोटो : अमर उजाला
कब आएंगी राष्ट्रपति
जिला जनसंपर्क कार्यालय द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति मुर्मू 18 जून को दोपहर साढे़ बारह बजे बैतूल से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर दोपहर 1:30 बजे ओंकारेश्वर पहुंचेंगी। आगमन के बाद वे एनएचडीसी गेस्ट हाउस में विश्राम करेंगी। शाम 6:20 बजे वे भगवान ओंकारेश्वर और ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में दर्शन-पूजन कर संध्या आरती में शामिल होंगी। इसके बाद उनका रात्रि विश्राम एनएचडीसी गेस्ट हाउस में होगा।

19 जून को सुबह 10 बजे राष्ट्रपति अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। कार्यक्रम के बाद वे सुबह 11:30 बजे ओंकारेश्वर हेलीपैड से इंदौर के लिए रवाना होंगी।

मंदिर के भीतर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा - फोटो : अमर उजाला
अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था
ओंकारेश्वर थाना प्रभारी अनूप सिंधिया ने बताया कि राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर बड़ी संख्या में पुलिस बल, विशेष सुरक्षा दल, यातायात पुलिस, खुफिया एजेंसियों और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की जा रही है। विभिन्न जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया है।

मंदिर परिसर, हेलीपैड, एनएचडीसी गेस्ट हाउस, प्रमुख मार्गों और कार्यक्रम स्थलों पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर, सीसीटीवी कैमरे, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और विशेष निगरानी दल तैनात किए जाएंगे। नर्मदा घाटों और जल क्षेत्र में भी विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी।

मंदिर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
प्रशासनिक तैयारियां तेज
ओंकारेश्वर नगर परिषद की मुख्य नगर पालिका अधिकारी मोनिका पारधी ने बताया कि जिला प्रशासन और नगर परिषद द्वारा लगातार समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं। सड़क मार्गों की मरम्मत, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, विद्युत आपूर्ति और स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। पूरे नगर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है।

38 साल पहले ओंकारेश्वर आए थे राष्ट्रपति वेंकटरमण - फोटो : अमर उजाला
निमाड़ के लिए गौरव का अवसर
ओंकारेश्वर पंडा संघ के अध्यक्ष पंडित नवल किशोर शर्मा ने कहा कि राष्ट्रपति का आगमन संपूर्ण निमाड़ क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। मां नर्मदा के पावन तट पर स्थित भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में विशेष स्थान रखता है। राष्ट्रपति की उपस्थिति से ओंकारेश्वर की आध्यात्मिक महत्ता राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक प्रतिष्ठित होगी। स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं में राष्ट्रपति के आगमन को लेकर विशेष उत्साह है। प्रशासन ने नागरिकों से सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने तथा यातायात एवं सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
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ओंकारेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना करते पूर्व राष्ट्रपति वेंकटरमण - फोटो : अमर उजाला
38 वर्ष बाद फिर राष्ट्रपति का आगमन
ओंकारेश्वर में इससे पहले वर्ष 1988 में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. आर. वेंकटरमण तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के साथ आदि गुरु शंकराचार्य जयंती समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। उस दौरान उन्होंने आदि गुरु शंकराचार्य के गुरु भगवत्पाद श्री गोविंदाचार्य की तपोस्थली के जीर्णोद्धार कार्य का लोकार्पण किया था। उस समय ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट और मांधाता राजपरिवार के राजपुरोहित पंडित रमेशचंद्र परसाई ने मंदिर के गर्भगृह में उनका पूजन एवं अभिषेक कराया था।
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