पर्यटन विभाग के उप निदेशक कल्याण सिंह का मंगलवार को एक वीडियो वायरल हुआ (अमर उजाला इसकी पुष्टि नहीं करता है), इसमें वे किसी से रिपोर्ट लगाने के लिए पैसा लेकर अपनी दराज में रखते दिख रहे हैं। इसे लेकर विभाग में दिनभर हलचल रही। विभाग ने मामले का त्वरित संज्ञान लेते हुए उनके निलंबित की संस्तुति की है। साथ ही जांच भी बैठा दी है।
पर्यटन विभाग में उप निदेशक के पास कई महत्वपूर्ण काम हैं। मंगलवार को उनका एक वीडियो वायरल हुआ, इसमें वे किसी व्यक्ति से एक मामले में रिपोर्ट लगवाने के लिए पैसा लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसमें वे कह रहे हैं कि सुबह रिपोर्ट लगा देंगे। इसके लिए वे और पैसा जल्द देने के बारे में भी कहते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि उन्होंने इसमें खुद के होने से इंकार किया।
इस वीडियो के वायरल होते ही जहां विभाग में हड़कंप मच गया वहीं काफी खबर नवीस भी पहुंच गए। उन्होंने जब इस बारे में कल्याण सिंह का पक्ष जानना चाहा तो वे खुद को बचाते हुए विभाग में चले गए। इसे लेकर काफी देर तक पर्यटन निदेशालय में हड़कंप मचा रहा। विभाग के उच्च अधिकारियों ने इसका संज्ञान लेते हुए उन्हें निलंबित करने की संस्तुति की है।
सेवा समाप्ति भी शामिल होगी
पर्यटन व संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने बताया कि मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की संस्तुति की गई है। मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। आरोपों की पुष्टि होने के बाद सेवा नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी, इसमें सेवा समाप्ति भी शामिल होगी।
पर्यटन व संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि यह मामला संज्ञान में आया है। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को त्वरित कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। प्रदेश सरकार अपराध और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य करती है। ऐसे में विभाग में इस तरह की कोई भी गतिविधि स्वीकार नहीं की जाएगी।
एआई से जेनरेट की है आवाज
वहीं इस बारे में कल्याण सिंह ने कहा कि हमारे यहां के कुछ लोग हैं जिन्होंने मेरी एआई से आवाज जेनरेट करा ली है। वे इसमें राजनीति कर रहे हैं। वहां पर मैं नहीं हूं। विभाग ने कोई कार्रवाई की है तो मैं इस बारे में अपना पक्ष रखूंगा।