प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आईओसीएल के पूर्व जनरल मैनेजर (प्रोजेक्ट्स) एवं वर्तमान में केंद्रीय पेट्रोनिलम एंड नेचुरल गैस मंत्रालय के जीएम (मैटीरियल) फैसल हसन, आईओसीएल के सीनियर मैनेजर (प्रोजेक्ट्स) गौरव सिंह, मैनेजर (प्रोजेक्ट्स) सुनील कुमार अहिरवार, इंजीनियर विनीत कुमार सिंह, सूर्य प्रताप सिंह के साथ प्रयागराज के रेवेन्यू असिस्टेंट अभिषेक पांडेय, बरेली के रेवेन्यू असिस्टेंट विशाल द्विवेदी और आशीष कुमार सिंह ने अज्ञात लोगों के साथ मिलीभगत कर मुआवजा हड़पा। इसके लिए उन्होंने फर्जी बैंक खाते खोलकर उसमें आई मुआवजे की रकम को डायवर्ट कर दिया।
सीबीआई ने इन सभी के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज करने के बाद मंगलवार को लखनऊ के गोमतीनगर के विभूति खंड स्थित ओमेक्स हाइट्स अपार्टमेंट में गौरव सिंह, नोएडा के सेक्टर 100 स्थित लोटस इसपेसिया अपार्टमेंट में फैसल हसन, प्रयागराज में धूमनगंज स्थित सुनील कुमार अहिरवार समेत अन्य आरोपियों के ठिकानों पर छापे मारे और घोटाले से जुड़े अहम सुबूत जुटाए।
इन जिलों में घोटाला आया सामने
शिकायत में प्रयागराज में 4.77 करोड़ रुपये, भदोही में 1.35 करोड़ रु़पये का मुआवजा हड़पने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा मऊ, वाराणसी, प्रतापगढ़, आजमगढ़, उन्नाव, कानपुर नगर, कानपुर देहात, ललितपुर और रायबरेली में भी 39.34 लाख रुपये का मुआवजा हड़पा गया।