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UP: आईओसीएल के प्रोजेक्ट में 6.50 करोड़ का मुआवजा हड़पने वालों के ठिकानों पर छापा, 11 जिलों में हुआ फर्जीवाड़ा

Tue, 25 Nov 2025 10:24 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

लखनऊ के कांधला-गोरखपुर एलपीजी पाइपलाइन प्रोजेक्ट में 11 जिलों में फर्जीवाड़ा हुआ था। सीबीआई ने लखनऊ, नोएडा और प्रयागराज में कार्रवाई की है। कई अधिकारी केस में नामजद हुए हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सीबीआई ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) की शिकायत पर कांधला-गोरखपुर एलपीजी पाइपलाइन प्रोजेक्ट में 6.50 करोड़ रुपये का फर्जी तरीके से मुआवजा देने के मामले में मंगलवार को कई शहरों में छापे मारे। लखनऊ, नोएडा और प्रयागराज में आरोपियों के 5 ठिकानों पर छापा मारकर घोटाले से जुड़े अहम सुबूत जुटाए हैं। सीबीआई, लखनऊ की एंटी करप्शन ब्रांच ने आईओसीएल के चीफ विजिलेंस ऑफिसर (सीवीओ) की शिकायत पर प्राथमिकी भी दर्ज की है।

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आईओसीएल के सीवीओ अनंत सिंह (आईपीएस) ने सीबीआई से शिकायत की थी कि आईएचबी लिमिटेड कांधला-गोरखपुर एलपीजी पाइपलाइन प्रोजेक्ट के लिए यूपी में मुआवजा देने का काम करता है। यह प्रोजेक्ट आईएचबी लिमिटेड, आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल का जॉइंट वेंचर है। इसकी शुरुआती लागत करीब 1000 करोड़ रुपये है। यह प्रोजेक्ट गोरखपुर, मध्य प्रदेश और यूपी के बीच करीब 2800 किमी में फैला है। शिकायत में उन्होंने बताया है कि सेंट्रल विमेनेंट पाइपलाइन प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन लेने की देखरेख के लिए एक सक्षम अथॉरिटी (सीए) नियुक्त करता है। सीए ही जमीन का सर्वे व स्वामित्व का सत्यापन करने, फसल और निर्माण का आकलन करता है। इसके बाद नुकसान और मुआवजे की घोषणा की जाती है। मुआवजा देने की जिम्मेदारी सीए की होती है।


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उन्होंने शिकायत में बताया है कि अधिकारियों और बाहरी लोगों की मिलीभगत करके गलत नाम मुआवजे की सूची में शामिल किए गए और जानबूझकर बैंक अकाउंट नंबर में बदलाव कर मुआवजा अपात्रों को दे दिया गया। सबसे ज्यादा फर्जी मुआवजा प्रयागराज और भदोही में दिया गया। इसके अलावा उन्नाव, कानपुर नगर, कानपुर देहात, ललितपुर और रायबरेली में भी मुआवजे देने में गड़बड़ियां मिली हैं।

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इनके खिलाफ दर्ज हुआ केस

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आईओसीएल के पूर्व जनरल मैनेजर (प्रोजेक्ट्स) एवं वर्तमान में केंद्रीय पेट्रोनिलम एंड नेचुरल गैस मंत्रालय के जीएम (मैटीरियल) फैसल हसन, आईओसीएल के सीनियर मैनेजर (प्रोजेक्ट्स) गौरव सिंह, मैनेजर (प्रोजेक्ट्स) सुनील कुमार अहिरवार, इंजीनियर विनीत कुमार सिंह, सूर्य प्रताप सिंह के साथ प्रयागराज के रेवेन्यू असिस्टेंट अभिषेक पांडेय, बरेली के रेवेन्यू असिस्टेंट विशाल द्विवेदी और आशीष कुमार सिंह ने अज्ञात लोगों के साथ मिलीभगत कर मुआवजा हड़पा। इसके लिए उन्होंने फर्जी बैंक खाते खोलकर उसमें आई मुआवजे की रकम को डायवर्ट कर दिया।

सीबीआई ने इन सभी के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज करने के बाद मंगलवार को लखनऊ के गोमतीनगर के विभूति खंड स्थित ओमेक्स हाइट्स अपार्टमेंट में गौरव सिंह, नोएडा के सेक्टर 100 स्थित लोटस इसपेसिया अपार्टमेंट में फैसल हसन, प्रयागराज में धूमनगंज स्थित सुनील कुमार अहिरवार समेत अन्य आरोपियों के ठिकानों पर छापे मारे और घोटाले से जुड़े अहम सुबूत जुटाए।

इन जिलों में घोटाला आया सामने
शिकायत में प्रयागराज में 4.77 करोड़ रुपये, भदोही में 1.35 करोड़ रु़पये का मुआवजा हड़पने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा मऊ, वाराणसी, प्रतापगढ़, आजमगढ़, उन्नाव, कानपुर नगर, कानपुर देहात, ललितपुर और रायबरेली में भी 39.34 लाख रुपये का मुआवजा हड़पा गया।
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