लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग ने किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक कल्याण पर एक अध्ययन किया है। इस शोध में जीवन कौशल की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया गया है। इस अध्ययन में 15 से 18 वर्ष के 300 किशोरों को शामिल किया गया। अध्ययन के दौरान विद्यालयों के लिए एक संरचित जीवन कौशल शिक्षा किट विकसित की है। इस किट के माध्यम से विद्यालय जीवन कौशल शिक्षा को अपने नियमित पाठ्यक्रम का हिस्सा बना सकते हैं। इसमें गतिविधि-आधारित मॉड्यूल और अभ्यास शामिल हैं। शिक्षक इन्हें कक्षा में आसानी से संचालित कर सकते हैं। मनोविज्ञान विभाग की मानिनी श्रीवास्तव और पल्लवी श्रीवास्तव ने यह शोध किया है।
मानिनी श्रीवास्तव ने बताया कि अध्ययन का उद्देश्य विद्यार्थियों में भावनात्मक संतुलन, आत्मविश्वास और समस्या-समाधान क्षमता विकसित करना है। यह शोध विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से सुझाए गए 10 प्रमुख जीवन कौशलों पर केंद्रित रहा। इन कौशलों में निर्णय लेना, समस्या समाधान, सहानुभूति और प्रभावी संचार शामिल हैं। यह शोध राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप है। अध्ययन के निष्कर्षों से किशोरों के जीवन कौशल में उल्लेखनीय सुधार दिखा। शोध में जीवन कौशल और किशोर कल्याण के बीच सकारात्मक संबंध भी पाया गया। यह शिक्षा में रटंत पद्धति से आगे बढ़कर छात्र-केंद्रित विकास की दिशा में बदलाव को दर्शाता है। अध्ययन के अंतर्गत सरल और गतिविधि-आधारित अभ्यास कराए गए।