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Jammu News: कैंसर से लड़ने की शुरुआत 30 मिनट की वाॅक के साथ करें

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अमर उजाला की ओर से आयोजित कैंसर पर जागरूकता कार्यक्रम। संवाद
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- अपराजिता 100 मिलियन स्माइल के तहत कैंसर जागरूकता कार्यशाला में मौजूद डाॅक्टर ने बताए स्वस्थ रहने के तरीके
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- राज्य कैंसर संस्थान की डॉ. नाहिदा ने कहा- बैक टू रूट के माॅडल को अपनाना होगा, अपने लिए वक्त निकालना जरूरी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। कैंसर से जंग की शुरुआत के लिए महिला हो या पुरुष सभी को तीस मिनट का वक्त अपने लिए देना होगा। यदि हम यह संकल्प ले सकें और इसे अपने जीवन में लागू कर पाए तो समझ लें कि कैंसर के साथ ही कई तरह की बीमारियों से लड़ने की क्षमता हम अपने अंदर पैदा कर पाएंगे। राज्य कैंसर संस्थान की डाॅ. नाहिदा ने यह संकल्प दिलाने के साथ ही वीरवार को अमर उजाला के अभियान अपराजिता 100 मिलियन स्माइल के तहत कैंसर जागरूकता कार्यशाला की शुरुआत की। डाॅ. नाहिदा ने कहा कि काम करना वर्कआउट नहीं होता है। अक्सर हम नियमित कामकाज को ही फिजिकल एक्टिविटी मान लेते हैं। खासकर महिलाएं और लड़कियां। उन्होंने कहा कि ये 30 मिनट हर किसी की जिंदगी में जरूरी हैं जो रोग के खतरों से बचाते हैं। दूसरी महत्वपूर्ण बात है कि हम बैक टू रूट के माॅडल को अपनाएं। प्रदूषण से हम बच नहीं सकते, जंक फूड को पूरी तरह लोग छोड़ नहीं सकते लेकिन हमें कम करना चाहिए। पैकेज्ड फूड, फ्रोजन फूड से धीरे-धीरे दूरी बनाएंगे तो बाजार में भी इनकी मात्रा कम होगी। घर के खाने का, प्राकृतिक खाद्य सामग्री पर निर्भरता का कोई विकल्प नहीं है।

इन बातों का रखना होगा ध्यान
- संतुलित आहार के कई लाभ हैं। इनमें शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार, बीमारियों से बचाव और ऊर्जा में वृद्धि शामिल है। यह हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। त्वचा और आंखों को स्वस्थ रखता है और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है।
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कैंसर स्क्रीनिंग का महत्व
डाॅ. नाहिदा ने कहा कि स्क्रीनिंग बहुत जरूरी है। यह कैंसर का पता लक्षणों के पैदा होने से पहले ही लगा सकती है जिससे उपचार आसान हो जाता है। स्क्रीनिंग कैंसर को शुरुआती चरण में पकड़ने में मदद करती है जब उसका इलाज सबसे आसान होता है।


फैमिली हिस्ट्री को जानना होगा
यदि आपके परिवार में कैंसर का इतिहास है तो डॉक्टर से सलाह लेकर नियमित जांच जरूर करवाएं। डाॅ. नाहिदा ने कहा कि आपकी पारिवारिक पृष्ठभूमि के आधार पर कुछ परीक्षण बीमारी के खतरे को कम करते हैं।

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ब्रेस्ट कैंसर की जांच
मैमोग्राफी, अल्ट्रासाउंड और बायोप्सी जैसे तरीके शामिल हैं, जो शुरुआती चरण में कैंसर का पता लगा सकते हैं। स्व-परीक्षण और नियमित जांच भी महत्वपूर्ण हैं।


गर्भाशय का कैंसर और सतर्कता

यूटरस (गर्भाशय) कैंसर के मुख्य लक्षण असामान्य योनि रक्तस्राव, पैल्विक दर्द और असामान्य योनि स्राव हैं। इसमें रजोनिवृत्ति के बाद रक्तस्राव, मासिक धर्म के बीच में स्पॉटिंग या सामान्य से अधिक और भारी रक्तस्राव शामिल है। इन लक्षणों को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए क्योंकि जल्दी पता चलने से इलाज की संभावना बढ़ जाती है।
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कार्यशाला में इनकी रही मौजूदगी
वन स्टाॅप सेंटर से एडवोकेट मीनू पाधा, मीनाक्षी व प्रीति, जीजीएम साइंस काॅलेज से अंकिता, मीनाक्षी, दीक्षा, प्रियंका, समीक्षा, रोज गार्डन हाई स्कूल से भूमिका, लक्षित, केएनआईटी ग्रीन माॅडल स्कूल से कोमल, सायना, वृंदा, हृतिका, हिमानी, एमएएम काॅलेज से दिव्या, आरती, गवर्नमेंट काॅलेज ऑफ एजुकेशन से सैयांशी, तनिषा, जम्मू विश्वविद्यालय से प्रीतिका, हिमानी, अदिति, तनु, राजकीय महिला काॅलेज गांधीनगर से तनु, तान्या, सानिया। राज्य कैंसर संस्थान से प्रियंका शर्मा भी मौजूद रहीं।
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