अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। चार साल बाद श्रीनगर से जम्मू के लिए दरबार आने से व्यापारी वर्ग काफी खुश है। इस परंपरा के फिर से शुरू होने से विशेषकर होटल कारोबार से जुड़े लोग खासे उत्साहित हैं।
उन्हें उम्मीद है कि चार साल के दरम्यान जो आर्थिक नुकसान उन्हें हुआ है वह दरबार के जम्मू में छह माह रहने से पूरा हो जाएगा। कमरोंं की बुकिंग से ज्यादा खानपान से आय होगी। होटल एंड लॉज एसोसिएशन और बैंक्वेट हाॅल एसोसिएशन को 300 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार होने का अनुमान है। ऑल जम्मू होटल एंड लॉज एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन गुप्ता कहते हैं कि दरबार मूव की परंपरा पुन: शुरू करने की मांग एसोसिएशन ने जम्मू-कश्मीर सरकार से की थी।
चार साल पूर्व परंपरा कायम थी तो कारोबार काफी अच्छा चलता था। दरबार के साथ आने वाले स्थानीय लोग और अन्य प्रदेश के रहने वाले अधिकारी व कर्मचारी होटल और लॉज बुक करते थे। हरि बाजार, रघुनाथ बाजार, रेसीडेंसी रोड, राजतिलक रोड, कैनाल रोड, त्रिकुटा नगर सहित तमाम बाजार गुलजार रहते थे।
होटल कारोबार से जुड़े लोगों के पास सांस लेने की फुरसत नहीं होती थी। दरबार मूव परंपरा बंद हुई तो खर्च तक निकालना मुश्किल हो गया। अब दोबारा दरबार के आने से जम्मू होटल कारोबार को काफी फायदा होगा। मौजूदा समय 75 होटल और 275 लॉज से करीब 300 करोड़ रुपये का कारोबार होने की उम्मीद है। बैंक्वेट हाॅल एसोसिएशन जम्मू के अध्यक्ष सुभाष चंद्र बताते हैं कि श्रीनगर से हजारों स्थानीय कर्मचारियोंं के जम्मू आने से अधिकतर लोग वैवाहिक समारोह, शादी की सालगिरह, जन्मदिन समेत अन्य छोटे-बड़े आयोजन भी यहीं करेंगे।
ऐसे मेंं बैंक्वेट हाॅल की बुकिंग भी बढ़ जाएगी। लोग बजट से ज्यादा खर्च भी करेंगे। बताते हैं कि जम्मू में 243 बैंक्वेट हाॅल हैं, जिसकी बुकिंग 90 हजार से शुरू होती है।