- पुलिस के शिकंजे में पूरा परिवार और रिश्तेदार
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। कभी दूध बेचकर इज्जत की रोटी कमाने वाला लाहू आज सलाखों के पीछे है। उसकी काली कमाई और अपराध की भूख ने अब उसके पूरे हंसते-खेलते परिवार को बर्बादी की कगार पर खड़ा कर दिया है। पुलिस की कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि लाहू ने न केवल खुद का भविष्य अंधकार में डाला। अपने साथ रिश्तेदारों को भी इस दलदल में घसीट लिया।
सोमवार को पुलिस ने उसकी पत्नी रोशी व मान्ना, पिता बशीर अहमद और साले शम्सदीन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। एक दिन पहले लाहू के साले फारुखदीन को गिरफ्तार किया था। लाहू का परिवार शुरुआत में दूध कारोबारी के रूप में पहचाना जाता था। इसी काम से उसके परिवार का पालन-पोषण होता था। अमीर बनने की चाहत में लाहू ने दूध की आड़ में तस्करी और अपराध की दुनिया में कदम रख दिया। देखते ही देखते उसने एक ऐसा आपराधिक नेटवर्क खड़ा कर लिया जिसकी जड़ें काफी गहरी हैं। पकड़े जाने के बाद लाहू का साम्राज्य ढह गया है। जांच में पुलिस को चौंकाने वाले सुराग मिले जिनसे पता चला कि इस अवैध धंधे में लाहू अकेला नहीं था। उसने अपने परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों को भी हिस्सा बना रखा था।
काली कमाई से अर्जित संपत्तियों का पता लगा रही पुलिस
मवेशी और नशा तस्करी के धंधे की काली कमाई से अर्जित की गई संपत्तियों के बारे में पुलिस पता लगा रही है। अब तक पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि दबिश पर लाहू अंडरग्राउंड हो जाता था। ऐसे में उसके करीबी रिश्तेदार व गुर्गे पूरा नेटवर्क संभालते और लेनदेन का हिसाब रखते थे। चार अप्रैल को लाहू की गिरफ्तारी के बाद उसके गुर्गों और नेटवर्क में शामिल करीबियों पर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है।