चेक अरसलान खान की सोबिया तारिक और सुमलर की सीरत खुर्शीद ने राष्ट्रीय स्तर के जूनियर फुटबॉल चयन में जगह बनाई है। दोनों खिलाड़ियों की सफलता को ग्रामीण क्षेत्रों की उन लड़कियों के लिए बड़ी प्रेरणा माना जा रहा है, जो खेलों में अपना करियर बनाना चाहती हैं।
स्थानीय अकादमी से राष्ट्रीय स्तर तक सफर
दोनों खिलाड़ी बांदीपोरा की एक स्थानीय फुटबॉल अकादमी में प्रशिक्षण ले रही थीं। अकादमी में करीब 28 से 30 लड़कियां नियमित रूप से अभ्यास करती हैं। कोच मोहम्मद आजाद ने कहा कि इन दोनों खिलाड़ियों का चयन इस बात का प्रमाण है कि अगर बेटियों को सही प्रशिक्षण और अवसर मिलें तो ग्रामीण इलाकों से भी बेहतरीन प्रतिभाएं सामने आ सकती हैं।
उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले तक दूरदराज के गांवों से लड़कियों का फुटबॉल खेलने के लिए मैदान तक पहुंचना आसान नहीं था। अब न सिर्फ लड़कियां नियमित अभ्यास के लिए आ रही हैं, बल्कि उनके माता-पिता भी उन्हें मैदान तक लेकर पहुंच रहे हैं।
माता-पिता से बेटियों को प्रोत्साहित करने की अपील
कोच ने कहा कि अकादमी शुरू करने का उद्देश्य लड़कियों को फुटबॉल से जोड़ना और उन्हें आगे बढ़ने का मंच देना था। इस समूह की दो खिलाड़ियों का पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर चयन होना पूरी अकादमी के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के अभिभावकों से अपनी बेटियों को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की।
प्रशासन और परिषद का भी मिला सहयोग
अकादमी के कोच खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण दे रहे हैं। वहीं, खेल परिषद की ओर से बच्चों को भेजकर इस पहल को सहयोग दिया गया है। जिला प्रशासन ने खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए मैदान उपलब्ध कराया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को बेहतर अवसर मिल रहा है।
अब देश के लिए खेलना है
सीरत खुर्शीद ने बताया कि उनके स्कूल ने उन्हें फुटबॉल के जरिए अपनी प्रतिभा को पहचानने और निखारने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि अब उनका लक्ष्य और मेहनत करना, राष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह मजबूत करना और एक दिन देश के लिए खेलना है।