- अरनिया में 15 दिनों से खाद नहीं मिल रही, किसान बोले - गेहूं की पैदावार हो रही प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। कस्बे में गेहूं की फसल को सिंचाई के साथ खाद की जरूरत है। यूरिया की किल्लत किसानों के लिए परेशानी बन गई है। खाद न मिलने से गेहूं की फसल पर संकट गहरा रहा है। किसान यूरिया की खरीद के लिए भटक रहे हैं। बीते 15 दिनों से यूरिया खत्म हो गया है। यूरिया का अगला रैक 30 जनवरी तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे में गेहूं की फसल की पैदावार प्रभावित हो सकती है।
किसानों का कहना है कि फसलों के लिए खाद की किल्लत साल दर साल बढ़ती जा रही है। कृषि विभाग समय पर खाद मुहैया कराने में विफल हो रहा है। नतीजतन किसानों को नुकसान हो रहा है। क्षेत्र के कृषि अधिकारी किसानों की समस्या को लेकर गंभीर नहीं हैं। प्राकृतिक मार के अलावा कृषि विभाग किसानों को कमजोर करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।
बिश्नाह के किसान बन्नी सढोत्रा ने कहा कि यूरिया के लिए किसानों का भटकना पड़ रहा है। यह कृषि विभाग की लापरवाही का नतीजा है। गेहूं की फसल के अलावा पशुओं के चारे (बरसीम) के लिए भी खाद की जरूरत पड़ रही है। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के उच्च अधिकारियों को समस्या पर संज्ञान लेना चाहिए।
गांव चकड़ा के किसान चरणजीत सिंह सैनी ने बताया कि किसान अपनी तरफ से फसल की अच्छी पैदावार के लिए कोई कसर नहीं छोड़ता है। प्राकृतिक मार की तो बात समझ में आती है लेकिन कृषि विभाग की लापरवाही किसानों को कमजोर कर रही है। पिछले कई वर्षों से खाद की किल्लत से जूझना पड़ रहा है।
किसानों के हित के लिए निरंतर कृषि विभाग प्रयासरत है। कई बार यूरिया का रैक 8-10 दिन आगे-पीछे हो जाता है। इससे किसान यूरिया की खरीद के लिए उत्तेजित हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि अगला रैक 27 जनवरी तक क्षेत्र में पहुंच जाएगा।
-मनोहर लाल शर्मा, मुख्य कृषि अधिकारी, जम्मू