लेह। लद्दाख पुलिस ने मंगलवार को एटीएम ठगी का भंडाफोड़ किया। साथ ही मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान को तेज किया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 13 मई को जम्मू-कश्मीर बैंक के कस्टोडियन से एटीएम मशीनों को नुकसान पहुंचाने और फर्जी निकासी की शिकायत प्राप्त हुई थी। विशेष जांच दल का गठन किया गया। मामले में उत्तर प्रदेश के बिजनौर निवासी शिवम कुमार, मुजफ्फरनगर निवासी अर्जुन तथा मोंटी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 21 एटीएम कार्ड और छेड़छाड़ की गईं बाइक की नंबर प्लेट बरामद कीं।
जांचकर्ताओं के अनुसार गिरोह एटीएम मशीनों के भीतर चिपकने वाला पदार्थ लगाकर कार्ड को खराब कर देता था। इसके बाद आरोपी ग्राहकों की मदद करने के बहाने उनके पास पहुंचते, एटीएम कार्ड बदल देते, गुप्त रूप से पिन नंबर देख लेते और बाद में धोखाधड़ी से पैसे निकाल लेते थे।
पुलिस के अनुसार एक पीड़ित के खाते से लेह और कारगिल में चोरी किए गए कार्ड के जरिए 40 हजार रुपये निकाले गए जबकि चुशोट गोंगमा की एक महिला के खाते से भी 40 हजार रुपये निकालने का प्रयास किया गया। अब तक इस प्रकार की ठगी से कम से कम 12 हजार रुपये की चोरी की पुष्टि हुई है।
अधिकारियों ने बताया कि जम्मू संभाग में लगभग 30 एटीएम, कश्मीर में 20, कारगिल में छह और लेह में 10 एटीएम को नुकसान पहुंचाया गया। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न पुलिस थानों में पहले से कई एफआईआर दर्ज हैं।
पुलिस ने विशेष रूप से बुजुर्ग नागरिकों से एटीएम का उपयोग करते समय सतर्क रहने की अपील की और लोगों को अपना पिन नंबर साझा न करने तथा किसी अजनबी को एटीएम कार्ड न सौंपने की सलाह दी।
प्रेस वार्ता के दौरान अधिकारियों ने शून्य सहनशीलता नीति के तहत चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियान की भी जानकारी दी। पुलिस के अनुसार इस वर्ष अब तक एनडीपीएस अधिनियम के तहत 12 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या आठ थी।
अधिकारियों ने बताया कि 14 अप्रैल को 6.88 ग्राम हेरोइन की बड़ी खेप बरामद की गई थी, जबकि हाल ही में मनाली मार्ग पर एक वाहन से 184 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। जांच में दिल्ली, चंडीगढ़ और लद्दाख के बीच सक्रिय एक बड़े ड्रग नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
पुलिस ने बताया कि मादक पदार्थों की आपूर्ति और तस्करी में शामिल स्थानीय और बाहरी कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पूरे सप्लाई नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए आगे और पीछे दोनों कड़ियों की जांच की जा रही है।
पुलिस ने परिवारों से अपील की कि यदि उन्हें अपने किसी परिजन के नशे में शामिल होने की आशंका हो तो समय रहते चिकित्सा और परामर्श सहायता लें। अधिकारियों ने कहा कि नशे के आदी लोग उपचार और पुनर्वास के पात्र हैं, जबकि असली अपराधी नशा तस्कर और सप्लायर हैं।
विभाग ने यह भी बताया कि सख्त नाका जांच और निगरानी के कारण चोरी और लूट की घटनाओं में कमी आई है। श्रीनगर, मनाली और हवाई मार्ग सहित लद्दाख में प्रवेश के प्रमुख मार्गों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। मिनाबाग, सरचू और अन्य संवेदनशील स्थानों पर नियमित जांच अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि नशीले पदार्थों और आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
कानून व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और नशा मुक्त लद्दाख के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए पुलिस ने नागरिकों से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देकर सहयोग करने की अपील की।