अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। कठुआ, सांबा और जम्मू में रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की संख्या में बढ़ोतरी से जुड़े दावों और संभावित जनसांख्यिकीय बदलाव की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए केंद्रीय समिति सोमवार से तीन दिवसीय जम्मू दौरे पर रहेगी। सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रकाश प्रभाकर नवलकर की अध्यक्षता वाली समिति जम्मू-श्रीनगर हाईवे स्थित होटल रेडिएशन में विभिन्न सामाजिक, जातीय संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों से अलग-अलग बैठक कर जानकारी जुटाएगी।
बैठकों के लिए संबंधित संगठनों के प्रतिनिधियों को बारी-बारी से होटल रेडिएशन पहुंचना होगा। समिति के सदस्य संगठनों से क्षेत्र में आबादी से जुड़े बदलाव, बाहरी लोगों की मौजूदगी और इससे संबंधित स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी लेंगे। इसके बाद समिति अपने स्तर पर उपलब्ध तथ्यों और संगठनों से मिली जानकारी का आकलन करेगी।
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नदियों और वन क्षेत्रों में मौजूदगी का भी आकलन
समिति के सदस्य दौरे के दौरान कठुआ, सांबा और जम्मू के विभिन्न इलाकों का जायजा भी ले सकते हैं। विशेष रूप से नदियों के किनारे, वन क्षेत्रों और अन्य स्थानों पर बसी बस्तियों अथवा लोगों की मौजूदगी से संबंधित जानकारी जुटाए जाने की संभावना है। समिति विभिन्न स्रोतों से प्राप्त जानकारी के आधार पर क्षेत्र में रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की संख्या, उनकी मौजूदगी वाले स्थानों और इससे जुड़े अन्य पहलुओं का तथ्यात्मक आकलन कर रिपोर्ट तैयार करेगी।
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संगठनों से विचार-विमर्श के बाद केंद्र को रिपोर्ट
एडवोकेट अंकुर शर्मा ने बताया कि उनकी जानकारी के अनुसार समिति के सदस्य टीम जम्मू, पनुन कश्मीर और एकजुट जम्मू समेत अन्य संगठनों के पदाधिकारियों से विचार-विमर्श करेंगे। इसके बाद समिति अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। हालांकि, रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की संख्या में बढ़ोतरी तथा जनसांख्यिकीय बदलाव के दावों की वास्तविक स्थिति समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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