महिला दिवस पर कृषि विभाग में आयोजित कार्यक्रम के दौरान स्टॉल का निरीक्षण करतेएडीडीसी
एडीडीसी सुरिंदर मोहन शर्मा ने स्वयं सहायता समूहों एवं संभावित कृषि उद्यमियों को किया प्रोत्साहित
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिला प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे महिला सप्ताह कार्यक्रम में जारी गतिविधियों के पांचवें दिन जीविका एवं उद्यमिता दिवस मनाया गया। इसके माध्यम से महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को बढ़ावा देने और उनमें आत्मनिर्भरता को सशक्त करने का प्रयास किया गया।
शुक्रवार को जिला कृषि कार्यालय में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए 80 से अधिक स्वयं सहायता समूह की सदस्याओं और संभावित कृषि उद्यमियों ने भाग लिया। विभिन्न सरकारी विभागों, स्वयं सहायता समूहों और महिला उद्यमियों की ओर से उत्पादों एवं पहलों की प्रदर्शनी के लिए स्टाल लगाए गए।
एडीडीसी सुरिंदर मोहन शर्मा ने कहा कि यह पहल जिला प्रशासन के सहयोगात्मक प्रयासों का हिस्सा है। इसका उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना और उन्हें जीविका एवं उद्यमिता के अवसरों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि महिला-नेतृत्व वाले उद्यम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और सतत आय के साधन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
इस अवसर पर लाभार्थियों को किसान उत्पादक संगठन के तहत पंजीकरण प्रमाणपत्र वितरित किए गए। साथ ही प्रत्येक को 10 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। दो महिला कृषक उद्यमियों को वित्तीय लेन-देन को सुगम बनाने और उनके कृषि व्यवसाय को सशक्त करने के लिए माइक्रो-एटीएम और बायोमीट्रिक मशीनें प्रदान की गईं।
इस मौके पर मुख्य कृषि अधिकारी जतिंदर खजूरिया और कृषि एवं संबद्ध विभागों के विशेषज्ञों ने किसानों और प्रतिभागियों के साथ संवाद सत्र आयोजित किया। इसमें विभाग की ओर से लागू की जा रही विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी दी गई।