जांच एजेंसियों का कहना है कि हाजी लतीफ लंबे समय से पाकिस्तान में बैठे आतंकवादी हैंडलर्स के संपर्क में था। वह आतंकियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट, सुरक्षित ठिकाने और सीमावर्ती क्षेत्रों से पहाड़ी इलाकों तक पहुंचाने में सहयोग करता था। पुलिस का दावा है कि उसकी गतिविधियां लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में थीं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान यह गिरफ्तारी की गई है। आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है।
बताया जा रहा है कि हाजी लतीफ का नाम पहली बार हीरानगर के सैडा सोहल क्षेत्र में हुए एक एनकाउंटर के बाद जांच के दौरान सामने आया था। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उसके खिलाफ सबूत जुटाए और कार्रवाई को अंजाम दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा किया जाएगा।