पश्चिम बंगाल में महिलाओं के लिए दो प्रमुख सामाजिक कल्याण योजनाओं की शुरुआत की घोषणा की गई है। राज्य सरकार के अनुसार, 1 जून से ‘अन्नपूर्णा भंडार’ योजना लागू की जाएगी, जिसके तहत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में प्रतिमाह 3,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा भी शुरू की जाएगी। राज्य प्रशासन की ओर से बताया गया कि इन दोनों फैसलों को हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक के बाद अंतिम रूप दिया गया है। योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना और सार्वजनिक परिवहन में उनकी पहुंच को आसान बनाना बताया गया है।
पहले से चल रही योजनाओं से जुड़ाव
सरकारी जानकारी के अनुसार, जिन महिलाओं को पहले से किसी राज्य स्तरीय सहायता योजना का लाभ मिल रहा है, उन्हें नए कार्यक्रम के तहत लाभ देने की प्रक्रिया सरल रखी जाएगी। फिलहाल नए आवेदन की आवश्यकता नहीं होगी और मौजूदा लाभार्थियों को स्वतः योजना में शामिल किया जाएगा।
मुफ्त बस यात्रा का विस्तार
घोषणा के अनुसार, 1 जून से राज्य की सभी सरकारी बस सेवाओं में महिलाओं के लिए किराया पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। इससे पहले इस तरह की सुविधा कुछ अन्य राज्यों में भी लागू की जा चुकी है।
कैबिनेट के कई फैसले
कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णयों के बारे में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि नई कैबिनेट के गठन के 45 दिनों के भीतर बीएसएफ को जमीन सौंपने का वादा भाजपा के संकल्प पत्र में किया गया था और गृह मंत्री अमित शाह ने भी इसकी घोषणा की थी। बैठक के बाद मीडियाकर्मियों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "नई कैबिनेट की पहली बैठक में इस फैसले को मंजूरी दे दी गई।
बैठक में पारित दूसरा महत्वपूर्ण निर्णय पश्चिम बंगाल में केंद्र प्रायोजित स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत को लागू किया जाएगा। तृणमूल कांग्रेस की पिछली सरकार ने इस योजना को इस आधार पर लागू नहीं किया था कि राज्य की अपनी स्वास्थ्य बीमा योजना 'स्वस्थ साथी' लागू होने के कारण केंद्र सरकार की योजना अनावश्यक थी।
सीएम ने कहा कि मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य को केंद्र प्रायोजित कई अन्य योजनाओं में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया है, जिनमें प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री कृषक बीमा योजना, पीएम श्री योजना, विश्वकर्मा योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना और उज्ज्वला योजना शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि जिला मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिया गया है कि वे सभी आवेदनों को जल्द से जल्द केंद्रीय मंत्रालय को भेजें। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई कोई भी मौजूदा कल्याणकारी योजना बंद नहीं की जाएगी। सीएम सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि कोई भी चालू सामाजिक परियोजना बंद नहीं की जाएगी, हालांकि गैर-भारतीयों या मृत व्यक्तियों को इन परियोजनाओं का लाभ नहीं दिया जाएगा।