पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही दिनों का समय शेष रह गया है। ऐसे में चुनावी रण में राजनीतिक पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप सातवें आसमान पर पहुंच गया है। इसी क्रम में मालदा में न्यायिक अधिकारियों का घेराव और अशांति को लेकर टीएमसी ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले सियासत तेजी से तल्ख होती जा रही है। इसी क्रम में रविवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर मालदा जिले में हुई अशांति में शामिल होने का गंभीर आरोप लगाया। मालदा में हाल ही में कुछ न्यायिक अधिकारियों ने मतदाताओं की जांच की, लेकिन उन्हें घेर लिया गया, जिससे चुनावी माहौल और तनावपूर्ण हो गया। ऐसे में टीएमसी का आरोप है कि इस घटना के पीछे भाजपा की पूरी रणनीति थी।
भाजपा ने टीएमसी के आरोपों को खारिज किया
हालांकि भाजपा ने टीएमसी के आरोपों को खारिज किया है। केंद्रीय मंत्री और पूर्व भाजपा राज्य अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि पीएम मोदी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि चुनाव के बाद राज्य में कानून-व्यवस्था कायम की जाएगी और सभी अपराधियों पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल में डर और अराजकता का राजनीति नहीं चलेगी।
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ऐसे में मालदा की घटना और उसके बाद दोनों पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप यह दिखाते हैं कि चुनावी लड़ाई अब व्यक्तिगत हमले, हिंसा और बयानबाजी तक सीमित होती जा रही है। राज्य में कानून, व्यवस्था और राजनीतिक टकराव अगले कुछ हफ्तों में चुनावी रंग और भी तेज करेंगे।