फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Solan News: भामसं ने विरोध दिवस मनाया, बद्दी में निकाली रोष रैली

विज्ञापन
विज्ञापन
एसडीएम के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजा मांगपत्र
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। भारतीय मजदूर संघ (भामसं) ने बद्दी में विरोध दिवस मनाया। इस दौरान बद्दी में रोष रैली निकाली और एसडीएम के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन भेजा गया। भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश उप महामंत्री देवीदत्त तनवर, प्रदेश सचिव राजू भारद्वाज, उद्योग प्रभारी गोपाल चौधरी, प्रदेश कार्य समिति सदस्य मेला राम चंदेल के नेतृत्व में कामगार बद्दी टेंपो स्टैंड पर एकत्रित हुए और वहां से जुलूस की शक्ल में एसडीएम कार्यालय तक गए।
एसडीएम कार्यालय परिसर में रैली को संबोधित करते हुए प्रदेश उपमहामंत्री देवीदत्त तनवर ने कहा कि लाखों मिड-डे मील और आशा वर्कर आज भी अत्यंत अल्प मानदेय पर कार्य कर रही हैं। पांच दशकों की सेवा के बाद भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को केवल योजना कर्मी माना जाता है, जबकि उनसे प्रतिदिन 10 घंटे से अधिक समय तक कार्य लिया जा रहा है और लगातार नई जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से मानदेय वृद्धि के प्रति अनिच्छा दिखाई जा रही है। देशभर के विद्युत कर्मचारी निजीकरण का विरोध करने के लिए निरंतर संघर्ष कर रहे हैं। ईपीएस-95 के तहत न्यूनतम पेंशन 1,000 आज भी अपरिवर्तित है, जिससे लाखों पेंशनभोगियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने मांग उठाई कि औद्योगिक संबंध संहिता-2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियां संहिता में श्रमिकों की चिंताओं का समाधान किया जाए। भारतीय श्रम सम्मेलन को तत्काल बुलाया जाए तथा विभिन्न त्रिपक्षीय समितियों का पुनर्गठन कर उन्हें नियमित, प्रभावी एवं सार्थक रूप से संचालित किया जाए। ईपीएस-95 के अंतर्गत न्यूनतम पेंशन 1,000 से बढ़ाकर 7500 प्रतिमाह की जाए, साथ ही महंगाई राहत प्रदान की जाए और आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा जाए। ईएसआई और ईपीएफ की कवरेज सीमा बढ़ाकर अधिकाधिक श्रमिकों को लाभान्वित किया जाए। ईएसआईसी की वेतन सीमा 21,000 से बढ़ाकर 42,000 व ईपीएफ की सीमा 15,000 से बढ़ाकर 30,000 की जाए। सामान्य भर्ती पर लगे प्रतिबंध को तत्काल हटाया जाए तथा रोजगार की गारंटी और सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। भारतीय मजदूर संघ ने केंद्र और राज्य सरकार से आग्रह किया कि वे श्रमिकों के हित और राष्ट्रीय विकास को ध्यान में रखते हुए इन लंबित मांगों पर शीघ्र और सकारात्मक निर्णय लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें