प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना के तहत हिमाचल प्रदेश में स्वरोजगार के लिए दिए गए हजारों ऋण अब बैंकों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। राज्य में करीब 23 हजार से अधिक बैंक खाते एनपीए (नॉन परफार्मिंग एसेट) की श्रेणी में पहुंच गए हैं। इन खातों में बैंकों के कुल 315.83 करोड़ रुपये फंसे हुए हैं, जिन्हें वसूली की राह देखनी पड़ रही है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इसके तहत युवाओं, महिलाओं और छोटे उद्यमियों को बिना किसी गारंटी के अधिकतम 20 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इसका उद्देश्य स्वरोजगार को बढ़ावा देना और छोटे व्यवसायों को वित्तीय सहायता देना है। योजना के तहत ऋण तीन श्रेणियों शिशु, किशोर और तरुण में दिया जाता है।
| जिला | एनपीए खाते |
| बिलासपुर | 938 |
| चंबा | 1022 |
| हमीरपुर | 1114 |
| कांगड़ा | 6432 |
| किन्नौर | 445 |
| कुल्लू | 2274 |
| लाहौल-स्पीति | 59 |
| मंडी | 2048 |
| शिमला | 3632 |
| सिरमौर | 1109 |
| सोलन | 2391 |
| ऊना | 1675 |
| कुल | 23139 |